दूध विक्रेता की हत्या में पुलिस को शॉर्प शूटरों के होने का शक
खतौली (मुजफ्फरनगर)। दो भाइयों की हत्या के गवाह बड़े भाई दूधिया की हत्या के पीछे पुलिस शॉर्प शूटरों का हाथ होना मान रही है। पुलिस का मानना है कि दूधिया की हत्या भाड़े के शॉर्प शूटरों से कराई गई है। पुलिस को गुमराह करने के लिए हमलावर घटनास्थल के पास देशी पिस्टल को डाल कर फरार हो गए। पुलिस बरामद देशी पिस्टल से हमलावरों द्वारा गोली चलाने की भी पड़ताल कर रही है। इस हत्याकांड में क्राइम ब्रांच की टीम को भी लगा दिया है। क्राइम ब्रांच टीम व पुलिस प्रथम दृष्टया दूधिया की हत्या के पीछे भाइयों की हत्या की रंजिश को ही जांच के दायरे में रखकर पड़ताल कर रही है। मृतक के पिता अख्तर ने अज्ञात में हमलावरों के विरुद्घ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
मंसूरपुर के गांव खेड़ीतगान निवासी दूधिया असबाब पुत्र अख्तर वर्ष 2013 के दंगों के दौरान दो सगे भाइयों शाहिद व नवाब की हत्या कर देने के डर से परिवार सहित खतौली के मोहल्ला इस्लामनगर में आकर रहने लगा था। वह फिलहाल भी अपने गांव खेड़ी तगान से दूध लाकर घंटाघर के पास स्थित अग्रवाल दूध की डेयर पर सप्लाई करता था। असबाब अपने भाइयों की हत्या में गवाह भी था। सोमवार की रात करीब आठ बजे बाइक हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर दूधिया असबाब की हत्या कर दी। दूधिया हत्याकांड का खुलासा करने को एसएसपी ने क्राइम ब्रांच की टीम को भी लगा दिया है। पुलिस का मानना है कि दूधिया की हत्या करने में शॉर्प शूटरों का हाथ हो सकता है। दूधिया की हत्या करने के लिए पहले रेकी भी की गई होगी। हत्या के बाद घटनास्थल पर देशी पिस्टल डालकर पुलिस को गुमराह करने का काम भी किया है। भाड़े के शॉर्प शूटर ही ऐसी वारदात को अंजाम देते हैं। पुलिस दूधिया हत्याकांड के पीछे भाइयों की हत्या की रंजिश और फैसला करने का दबाव होना मानकर भी जांच पड़ताल में जुटी है।
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पुलिस के लिए संजीवनी
दूधिया असबाब के हत्यारों तक पहुंचाने के लिए पुलिस के लिए सीसीटीवी कैमरे की फुटेज संजीवनी का काम कर सकती है। पुलिस की जांच में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण अगर कोई सबूत है तो वह कैमरे की फुटेज ही है। इस फुटेज के जरिये दूधिया की हत्यारों तक पहुंचते ही हत्याकांड का राजफाश हो जाएगा। कैमरे की फुटेज में बाइक पर दो युवक दिखाई दे रहे हैं, जबकि पुलिस का मानना है कि हमलावर तीन भी हो सकते हैं। पुलिस को शक है कि तीसरा साथी दूध की डेयरी के आसपास रेकी कर रहा होगा। दूधिया की हत्या पूरे साजिश के तहत की गई है। हमलावरों को मालूम था कि दूधिया असबाब शाम को इंदिरा मूर्ति के निकट बाइक पर प्रतिदिन दूध सप्लाई करने आता है। इस वक्त अक्सर नगर की विद्युत आपूर्ति भी बंद रहती है। बिजली बाधित होने का हमलावरों ने भरपूर फायदा उठाया। इससे पूर्व, मोहल्ला गणेशपुरी में हत्यारों ने बिजली गुल होने का फायदा उठाते हुए फाइनेंसर नीरज चौहान की उसके मकान के बाहर की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी।
तीन माह पूर्व फैसले का दबाव बनाया था
परिजनों के मुताबिक शाहिद व नवाब की हत्या के मुकदमे में फैसले के लिए तीन माह पूर्व दबाव बनाया गया था। कचहरी में भी फैसले की बातचीत हुई थी। उस वक्त फैसला नहीं हो सका था। इसके बाद तीन चार बार हत्यारोपियों के परिजनों की ओर से फोन करके फैसले करने का दबाव बनाया गया था। भाइयों की हत्या में मृतक असबाब की कोर्ट में गवाही चल रही थी। 25 मार्च भी गवाही होनी थी। उधर, पुलिस का कहना है कि आठ दिन पूर्व भी मुकदमे में फैसला करने की मृतक असबाब से बातचीत हुई थी।
मृतक के घर पर पुलिस का पहरा
दूधिया असबाब की हत्या के बाद से पीड़ित परिजन पूरी तरह से भयभीत हैं। परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से अपनी जान का भी खतरा भी बताया था। एसएसपी के निर्देश पर मृतक के परिजनों की सुरक्षा के लिए पुलिस का पहरा बैठा दिया है। सोमवार की रात से ही मृतक के घर पर सुरक्षा को लेकर पुलिसकर्मी तैनात हैं।
दूधिया असबाब हत्यकांड में सगे भाइयों की हत्या की रंजिश तथा अन्य कई बिंदुओं को दायरे में रखकर जांच पड़ताल की जा रही है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में कैद बाइक सवारों की भी पहचान कराई जा रही है। शीघ्र की हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा। हरसरन शर्मा, इंस्पेक्टर, खतौली।