मुजफ्फरनगर। अदालत ने कंपाउंडर पर जानलेवा हमला करने के मामले में दो लोगों को पांच-पांच साल के कारावास और 14 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार शामली के थाना गढ़ीपुख्ता पर गांव मालैंडी निवासी कंवरपाल ने गांव के ही टिंकू पुत्र वीरसेन और अनुज पुत्र मदन के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि 30 सितंबर 2012 को उसका कंपाउंडर बेटा कमल घर पर उसके पास बैठा था। तभी दोनों उसके बेटे कमल को किसी काम के लिए घर से बुला कर ले गए। दोनों ने पुरानी रंजिश के चलते उसके बेटे की हत्या करने के लिए चाकुओं से प्रहार कर उसे गंभीर घायल कर दिया। जिसे मेरठ मेडिकल में सात दिन बाद होश आया। यह मुकदमा एडीजे गौरव कुमार श्रीवास्तव की अदालत संख्या-1 में सुना गया। एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में छह गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए टिंकू और अनुज को हमले के दोषी करार देते हुए दोनों को धारा 307 में पांच-पांच साल के कारावास व दस-दस हजार रुपये जुर्माना, धारा 325 में तीन-तीन साल के कारावास व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना तथा टिंकू को धारा 25/4 में छह माह के कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।