जमीन के विवाद में फायरिंग, चार घायल
चरथावल। कयामपुर गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में हुई फायरिंग में छर्रे लगने से दो लोग घायल हो गए। मारपीट में प्रधान पुत्र समेत दो को चोटें आई हैं। विवादित जमीन की पैमाइश के बाद गांव में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। गांव में सरेराह फायरिंग से दहशत और अफरातफरी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहां से चारों को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।
सहारनपुर जिले की सीमा से सटे चरथावल के आखिरी गांव कयामपुर में प्रधान जमशेद और नदीम पक्ष में भूमि विवाद चल रहा है। शनिवार को राजस्व विभाग की टीम बिना पुलिस को सूचित किए विवादित भूमि की नाप-तौल करने पहुंच गई। दोनों पक्ष के लोगों की मौजूदगी में पैमाइश की गई। पुलिस का कहना है कि पैमाइश से संतुष्ट नहीं होने पर गांव में आकर दोनों पक्ष भिड़ गए। कहासुनी के बाद हथियार लहराने लगे। दोनों पक्षों में लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। मौके पर फायिंरग से हड़कंप मच गया। जिसमें नदीम और घटनास्थल से गुजर रहा सतीश छर्रे लगने से घायल हो गए। जबकि जंगम और दूसरे पक्ष से प्रधान पुत्र अतीकुर्रहमान को भी चोटें आईं। अपराह्न करीब तीन बजे सरेराह गोलियों की तड़तड़ाहट से ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक डीके त्यागी भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। पुलिस को देखसकर आरोपी मौके से फरार हो गए। घायलों को पुलिस ने सीएचसी चरथावल भिजवाया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद चारों को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। एसएचओ ने बताया कि शनिवार को थाने में समाधान दिवस में बिना पुलिस को सूचित किए राजस्व विभाग की टीम पैमाइश करने पहुंच गई। जिससे पक्षकार संतुष्ट नहीं हुए। मामले में तहरीर आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
नगर पंचायत का कार्यकाल हुआ पूरा
चरथावल। नगर पंचायत अध्यक्षा बीना त्यागी का कार्यकाल शनिवार को पूरा हो गया। इस नगर पंचायत की बोर्ड की पहली बैठक से पांच साल का कार्यकाल पूरा होने पर शाम को बुढ़ाना के अधिशासी अधिकारी ओम गिरी ने नगर पंचायत के प्रशासक के रूप में पद भार ग्रहण कर लिया। उन्होंने वरिष्ठ लिपिक महेश प्रसाद और सफाई नायक से चरथावल नगर की समस्यओं के बारे जानकारी ली और समाधान कराने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन को प्राथमिकता पर लागू करने के निर्देश अधीनस्थों को दिए। बकौल ईओ, शासन के आदेशों का अनुपालन कराना उनकी प्राथमिकता है।