फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजमिस्त्री की हत्यारोपी पत्नी और उसके प्रेमी को जेल भेजा

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहपुर। मोहल्ला गडरियान निवासी राजमिस्त्री सुनील की हत्या का रविवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। थाना प्रभारी के मुताबिक सुनील की हत्या उसकी पत्नी ने ही अपने प्रेमी संग मिलकर चाकू और इमामदस्ते की मूसली से प्रहार करके की थी। रविवार को दोनों का चालान कर जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन

थाना प्रभारी यशपाल सिंह ने बताया कि राजमिस्त्री सुनील पुत्र जगदीश की शनिवार की रात उसकी पत्नी सुधा और उसके प्रेमी मोहसीन उर्फ सूफियान निवासी शेरपुर लुहारी, बागपत ने मिलकर हत्या कर दी थी। दोनों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल बरामद कर लिया गया है। महिला के खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए गए है। पुलिस पूछताछ में आरोपी युवक ने बताया कि करीब आठ माह पूर्व वह थानाक्षेत्र के गांव तावली में अपनी रिश्तेदारी में आया था। लौटते वक्त कस्बा पुलिस चौकी पर बड़ौत जाने के लिए बस की प्रतीक्षा कर रहा था। इसी दौरान सुधा उसके पास आई और खुद को बीमा एजेंट बताकर उससे बात करने लगी। साथ ही उसे अपना फोन नंबर भी दिया था। इसके बाद दोनों बातचीत करने का सिलसिला शुरू हो गया। बताया कि बृहस्पतिवार को सुधा का फोन आया कि उसके पति को सब मालूम चल गया है। पति उसे सल्फास देकर मारना चाहता है। सुधा के बुलावे पर वह शुक्रवार की शाम छह बजे के उसके घर पहुंचा। सुधा ने उसे घर में बने शौचालय के ऊपर बनी दुछत्ती में उसे छिपा दिया। रात में उसने पति व बच्चों को खाने में नशीली गोलियां खिला कर बेहोश कर दिया। इसके बाद रात दस बजे दोनों ने चाकुओं और इमामदस्ते की मूसली से सुनील के सिर पर प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। सुबह चार बजे वह सुधा के घर से निकलकर मेन रोड पर पहुंचा और एक वाहन को रुकवाकर उससे बड़ौत और बाद में शेरपुर लुहारी पहुंचा।

शेरपुर लुहारी में इमाम है आरोपी
शाहपुर। आरोपी युवक शेरपुर लुहारी में एक मस्जिद में इमाम है। 22 वर्षीय मोहसिन उर्फ सूफियान अविवाहित है और मूलरूप से बागपत जनपद के छपरौली थानाक्षेत्र के गांव सिलाना का निवासी है। वह दो वर्षों से शेरपुर लुहारी में एक मस्जिद में इमाम है।
विज्ञापन


महिला को प्रतिमाह देता था खर्च के रुपये
शाहपुर। हत्यारोपी मोहसिन ने बताया कि वह सुधा को प्रति माह खर्चे के रूप में दो से चार हजार रुपये देता था। वह खर्चे के रुपये देने के लिए कस्बे में आता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें