जौला के जंगल में पकड़ी तमंचा फैक्ट्री
मुजफ्फरनगर/ बुढ़ाना। बुढ़ाना पुलिस ने जौला गांव के जंगल में गन्ने के खेत में छापा मारकर तमंचा बनाने की बड़ी फैक्ट्री पकड़ी। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में बने अधबने तमंचे, रायफल तथा भारी मात्रा में तमंचों के पार्ट्स व उपकरण बरामद किए। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस लाइन के सभागार में एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने पत्रकारों को इसके बारे में जानकारी दी। बताया कि बुढ़ाना इंस्पेक्टर प्रभाकर कैंतुरा को बुधवार को सुबह मोबाइल फोन पर जौला के जंगल में तमंचा फैक्ट्री की सूचना मिली। इंस्पेक्टर प्रभाकर कैंतुरा व क्राइम इंस्पेक्टर जयभगवान यादव पुलिस बल के साथ जौला के जंगल में पहुंचे। पुलिस ने जौला निवासी उम्मेद के गन्ने के खेत में छापा मारा। गन्ने के खेत के बीच तिरपाल डालकर चल रही तमंचा फैक्ट्री को पुलिस ने घेर लिया। पुलिस ने मौके से दो युवकों को गिरफ्तार किया। घटनास्थल से पुलिस ने 315 बोर की रायफल, 12 बोर की बंदूक, आधा दर्जन तैयार तमंचे व आठ अधबने तमंचे बरामद किए। पुलिस ने घटनास्थल से भारी मात्रा में तमंचों के पार्ट्स, वेल्डिंग मशीन, ड्रिल मशीन, सिकंजा सहित तमंचे बनाने के उपकरण बरामद किए। पकडे़ गए आरोपियों से पूछताछ की। तमंचे बनाने वाले दोनों आरोपी उम्मेद व मशरूर पुत्र सलामू सगे भाई हैं। दोनों तमंचे बनाने का काम करते हैं। एसएसपी ने बताया कि उम्मेद हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। उसके खिलाफ बुढ़ाना कोतवाली में कई अपराध पंजीकृत है। तमंचे बनाने में वह पहले भी जेल जा चुका है। उम्मेद के भाई मशरूर के खिलाफ भी तमंचे बनाने के दो मुकदमे कायम हैं, जिनमे वह पहले भी जेल जा चुका है। एसएसपी ने बुढ़ाना पुलिस के गुडवर्क की सराहना की। पूछताछ के बाद पुलिस ने तमंचे बनाने वाले दोनों आरोपियों का चालान कर दिया।