मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया 50 हजार का इनामी विकास शातिर शूटर था, जो सुपारी लेकर हत्या करता था। पुलिस उसकी आपराधिक कुंडली खंगाल रही है। मेरठ के परतापुर के डबल मर्डर में पुलिस उसकी तलाश में बीते दस दिनों से दबिश दे रही थी, मगर वह पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था। मंगलवार शाम मुजफ्फरनगर पुलिस के हाथ वह मारा गया।
विकास मूल रूप से शामली जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव बड़ी माजरा का निवासी था, जो कई साल पहले मुजफ्फरनगर में शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बुढ़ाना मोड़ स्थित गांव खांजापुर में आकर रहने लगा था। गत 24 जनवरी को मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के गांव सोहरका में हुए डबल मर्डर में वह शामिल रहा। डबल मर्डर करते हुए हत्यारे मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे। डबल मर्डर की वीडियो वायरल हुई तो हत्यारे के चेहरे सामने आए थे। वीडियो में विकास की पहचान उसके परिजनों ने भी की थी, तभी से मेरठ पुलिस उसकी तलाश में लगातार यहां दबिश डाल रही थी। मगर वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा था। पहले उस पर 25 हजार और बाद में 50 हजार का ईनाम घोषित किया गया। मंगलवार शाम वह मुजफ्फरनगर पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया। एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि मृतक बदमाश विकास भाड़े का शूटर था। मां-बेटे की हत्या करने से पहले उसने वर्ष 2016 में भी मेरठ में एक हत्या की थी। उन्होंने बताया कि पुलिस उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी हासिल कर रही है।