जौनपुर। डिप्टी सीएम के आने की भनक रात में ही शिक्षा माफियाओं को लग गई थी। पुलिस लाइन में जब उनका उड़न खटोला सुबह उतरा और वह बाहर आए तो अपने स्वागत में खड़े विधायकों और नेताओं देखकर सवाल किया कि आप लोगों को सूचना किसने दी। वह किस क्षेत्र में जाने वाले हैं इस बात का भी अंदाजा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने लगा लिया था। उनके पहुंचने से पहले ही शिक्षा विभाग के एक आला अफसर ने केंद्र व्यवस्थापकों को फोन कर अलर्ट कर दिया। यही कारण है कि सब कुछ ठीक ठाक मिला। एक स्कूल ने तो चूना भी गिराकर उनके आने का संकेत साफ कर दिया था।
बोर्ड परीक्षा में नकल को लेकर सरकार भले ही गंभीर है लेकिन प्लानिंग ठीक तरह से तैयार नहीं की गई है। उत्तर पुस्तिकाओं के मिलने के बाद जौनपुर की चर्चा प्रदेश स्तर पर होने लगी है। वैसे तो बदलापुर इलाका नकल माफियाओं का गढ़ है। डिप्टी सीएम को इस गढ़ में जाना चाहिए लेकिन उन्होंने ऐसे केंद्रों का निरीक्षण जो पिच सड़क पर हैं। बकायदे उनके पहुंचने से पहले हूटर बजाए गए। हूटर की आवाज सुनकर परीक्षार्थी भी अलर्ट हो गए। शायद यही वजह थी कि सभी केंद्रों पर सब कुछ ठीक-ठाक मिला। सूत्रों की माने तो रात में ही माफियाओं ने परीक्षा ड्यूटी लगे अध्यापकों को फोन कर चेता दिया कि डिप्टी सीएम आ रहे हैं। कहीं कोई कमी न रह जाए इसकी पूरी तैयारी हो जानी चाहिए। दिखा भी ऐसा। कोई भी छात्र न तो पकड़ा गया और न ही कोई अध्यापक पकड़ में आए। परीक्षा में बोलकर कई सेंटरों पर लिखवाया गया। बावजूद इसके डिप्टी को सब कुछ ठीक-ठीक दिखा।