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छेड़छाड़ पर बवाल, केस में कहीं नहीं

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कवाल कांड में छेड़छाड़ जिम्मेदार
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मुजफ्फरनगर। 27 अगस्त 2013 को हुए कवाल कांड के लिए छेड़छाड़ को जिम्मेदार बताया गया था। लेकिन पूरे केस में इसका कहीं जिक्र नहीं किया गया। रिपोर्ट में भी घटना का कारण बाइक और साइकिल की टक्कर बताया गया। इसी के आधार पर पूरा केस चला। कवाल कांड को लोग छेड़छाड़ से उपजा ही मानते हैं। गौरव के परिवार की लड़की से छेड़छाड़ होने की बात कही गई थी। इसी को लेकर जनाक्रोश भड़क उठा था। सात सितंबर को नंगला मंदौड़ में बहु-बेटी सम्मान बचाओ महापंचायत की गई थी। इसी महापंचायत के बाद दंगे भड़क गए थे। न्यायालय ने इस केस में गौरव और सचिन की हत्या के मामले में सात आरोपियों को दोषी ठहरा दिया है। लेकिन पूरे केस में छेड़छाड़ होने का जिक्र नहीं है।
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विक्रम सैनी गऐ थे जेल
मुजफ्फरनगर। ममेरे भाईयों की हत्या के बाद अगले दिन हुए कवाल में हुई आगजनी, तोड़फोड़ की घटना में कवाल के पूर्व प्रधान विक्रम सैनी को भी पुलिस ने नामजद कर जेल भेजा था। पुलिस प्रशासन ने विक्रम सैनी पर रासुका लगाई थी। उसकी पत्नी और बच्चों ने मलिकपुरा में आए सीएम अखिलेश यादव से रिहाई की मांग की थी। मगर सीएम कोई मदद नहीं मिली। बाद में भाजपाई सक्रिय हुए और करीब डेढ़ साल जेल में रहने के बाद उनकी रिहाई हुई थी। भाजपा ने उन्हें खतौली का टिकट दिया और वो विधानसभा चुनाव में विधायक बने।
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