रामकुमार की हत्या में सात दोषी करार
मुजफ्फरनगर। एडीजे प्रथम की अदालत ने मुकदमे के पैरोकार की हत्या करने और षड्यंत्र रचने वाले सात लोगों को दोषी करार देते हुए जेल भेेजने का आदेश दिया। सजा पर सुनवाई शुक्रवार को होगी।
खतौली क्षेत्र के गांव नंगली महासिंह निवासी श्रीपाल ने 28 मार्च 2015 को जानसठ थाने पर अपने भतीजे रामकुमार की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भतीजा रामकुमार पुत्र चतरपाल घर से सोंहजनी जाने के लिए निकला था। रामकुमार की ग्राम सोहजनी व मनफोड़ा के बीच कच्ची सड़क पर गोली मार कर हत्या कर दी। हत्या की रंजिश के बारे में बताते हुए कहा था कि मृत रामकुमार का साढू राजेंद्र गांव गडवाडा का रहने वाला है और वह बीमार है। राजेंद्र के भाई वीरेंद्र ने राजेंद्र की जमीन हड़पने के लिए एक फर्जी वसीयत बनाई और जमीन अपने नाम दर्ज करा ली। इसकी जानकारी जब राजेंद्र की पत्नी कमलेश को लगी, तो उसने विरोध करते हुए मुकदमा दायर कर दिया, जिसकी पैरवी रामकुमार कर रहा था। वीरेंद्र ने उसे इस मामले की पैरवी न करने की धमकी भी दी थी। मुकदमे में रामवीर पुत्र राजपाल निवासी ललखाना थाना इंचौली जनपद मेरठ , रूबल पुत्र कुलदीप निवासी कासोपुर थाना मीरापुर ,वीरेंद्र पुत्र कुंदन निवासी गडवाडा , राजदीप पुत्र वीरेंद्र गडवाढा, मनोज पुत्र देवपाल, निवासी नंगला सलारू मंगलौर ,कर्मवीर पुत्र सतवीर निवासी मथेडी, रामधन पुत्र ज्ञान सिंह निवासी सोंहजनी को आरोपी बनाया था। मुकदमे की सुनवाई एडीजे गौरव कुमार श्रीवास्तव की अदालत संख्या एक में हुई। एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में नौ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त रामवीर व रूबल को धारा 302/34 के तहत और धारा 120 बी के तहत अभियुक्त वीरेंद्र , राजदीप , मनोज , कर्मवीर , रामधन को हत्या का षड्यंत्र रचने का दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया। सजा की सुनवाई शुक्रवार (आज) होगी।
अपहरण के मामले में रिटायर्ड सूबेदार पुत्र समेत दोषी करार
मुजफ्फरनगर। एफटीसी-4 ने अपहरण के मामले में दो लोगों को दोषी करार कर जेल भेजा है। सजा पर सुनवाई शुक्रवार को होगी।
पुरकाजी के गांव फलौदा निवासी नीरज उर्फ नीटू मनोरोगी था। उसे अगवा कर रिटायर्ड सूबेदार शांतनु व उसके बेटे राजू तथा सोनू ने अपने हक में जमीन का बैनामा कराकर गायब कर दिया था, जो आज तक नहीं मिला है। नीरज की भाभी प्रवेश ने उक्त लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने शांतनु और राजू के खिलाफ आरोप पत्र दिए थे। यह मुकदमा एफटीसी -4 में सुना गया। न्यायालय ने शांतनु और राजू को अपहरण के मामले में दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया। सजा पर सुनवाई शुक्रवार को होगी।