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जहां माता-पिता ने खुदकुशी की, उसी कमरे में दो साल बाद बेटे ने भी खुद को मार ली गोली

Sat, 08 Jul 2017 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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छात्र के आत्महत्या करने के बाद विलाप करतीं परिवार की महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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मंसूरपुर के गांव जीवना में हाईस्कूल के छात्र ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। छात्र जीवना गांव के ग्राम प्रधान का भतीजा था। परिजनों ने किसी प्रकार की कानूूनी कार्रवाई से इंकार करते हुए उसका अंतिम संस्कार कर दिया। बताया जा रहा है कि माता-पिता की मौत से वह अवसाद में चला गया था, इसी कारण उसने जान दे दी। जिस स्थान पर छात्र ने गोली मारकर आत्महत्या की है, उसी स्थान पर करीब दो साल पहले उसके माता-पिता ने भी खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव जीवना के प्रधान सोहनवीर सिंह का भतीजा सौरभ (15) पुत्र स्वर्गीय शौकीन कक्षा दस का छात्र था। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे वह परिजनों के साथ ही था। तभी वह अंदर कमरे में गया और तमंचा माथे से सटाकर खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर परिवार के लोग कमरे की ओर दौड़े। जहां उन्हें खून से लथपथ सौरभ का शव पड़ा मिला। घटना के बाद ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई।
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इसी दौरान सूचना मिलने पर मंसूरपुर थाना प्रभारी निरीक्षक केपीएस चाहल पुलिस बल समेत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव के पास पड़ा तमंचा कब्जे में ले लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजनी लगी। मगर परिवार के लोगों ने कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया। बाद में पुलिस ने जरूरी लिखापढ़ी कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद परिजनों ने गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।    

छात्र सौरभ ने जिस कमरे में गोली मारकर आत्महत्या की। इसी कमरे में दो साल पहले 29 जुलाई 2015 को उसके पिता शौकेंद्र उर्फ शौकीन और मां केशवती उर्फ करेशना ने भी खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। गौरव और सौरभ दो भाई थे। बड़ा भाई गौरव इंटर कर चुका है। सौरभ ने कुछ दिन पहले ही मंसूरपुर के एक कॉलेज में कक्षा 10 में प्रवेश लिया था। दोनों चाचा प्रधान सोहनवीर के साथ ही रहतेे थे। पुलिस और परिजनों ने बताया कि सौरभ अपने माता-पिता की मौत से काफी आहत था। मां-बाप की मौत से वह अवसाद में चला गया था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं रहती थी। उसका तभी से इलाज भी चल रहा था।            

पहले भी जान देने की कर चुका था कोशिश            
परिजनों ने पुलिस को बताया कि सौरभ बीते दो साल में कई बार जान देने की कोशिश कर चुका था। इसलिए परिजन उस पर निगाह रखते थे। शुक्रवार सुबह किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इस तरह से गोली मारकर आत्महत्या कर लेगा। परिजनों ने छात्र द्वारा आत्महत्या करने के मामले को एक हादसा करार दिया है।

शादी में आए किशोर को गोली लगी       
पुरकाजी। कस्बे के मोहल्ला कानूनगोयान मुस्लिम में शुक्रवार को एक शादी समारोह था, जिसमें 17 वर्षीय मुद्दसिर पुत्र जहीर निवासी गांव कासमपुर थाना रामराज भी  परिवार के साथ आया हुआ था। दोपहर करीब 11 बजे उसे संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लग गई। उसका पिता जहीर घायल को पुरकाजी लेकर पहुंचा, जहां से गंभीर हालत के चलते डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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शादी समारोह वाले परिवार का कहना है कि  कुछ लोग पटाखे छुड़ा रहे थे, उनमें से एक बड़ा पटाखा किशोर के बाएं हाथ में लग गया,  जिससे वह घायल हो गया। उधर, डॉक्टरों के अनुसार किशोर के हाथ में गोली लगी हुई है। इस संबंध में इंस्पेक्टर प्रभाकर कैंतुरा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।   
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