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दहेज हत्या में पति और सास को 10 साल कैद, 15-15 हजार का जुर्माना भी लगाया

Thu, 07 Dec 2017 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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अदालत। - फोटो : amar ujala
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दहेज हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पुत्रवधू की हत्या के मामले में पति और सास को दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 
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अभियोजन पक्ष के अनुसार जनेश्वर पुत्र रुहेल्ला निवासी लक्ष्मणपुरा थाना झिंझाना ने 18 मई 2015 को बुढ़ाना थाने पर मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी बेटी पूनम की शादी 12 जुलाई 2013 को मोहित पुत्र बाबू निवासी उमर पुर थाना बुढ़ाना के साथ की थी।

शादी के बाद से ही मोहित और उसकी मां बसंती पत्नि बाबू दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न करते रहते थे। वह एक लाख रुपये और कार की मांग करते आ रहे थे। 15 मई को उसकी बेटी पूनम को पति व सास ने जला कर मार दिया है। जब वह उमरपुर पहुंचा तो उसकी पूनम अस्पताल में भर्ती थी, जो लगभग 90 प्रतिशत जली अवस्था में थी।
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घायल पूनम को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 21 मई 2015 को पूनम की मौत हो गई। मृतका ने मरने से पूर्व मजिस्ट्रेट को अपने बयान दर्ज कराए थे। मुकदमे की सुनवाई सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओमबीर सिंह की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1 में हुई। जिसमें मुकदमा सिद्ध करने के लिए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीताराम आर्य व चौधरी कय्यूम अली ने 12 गवाह पेश करते हुए अपनी दलील व सबूत पेश किए। 

न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील और सबूतों के साथ गवाहों के बयानात पर गौर करते हुए अभियुक्त मृतका के पति मोहित व उसकी मां बसंती को दोषी करार देते हुए 10 -10 वर्ष की सजा और धारा 498 ए के तहत 2-2 वर्ष का कारावास व 10-10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 3/4 दहेज अधिनियम के तहत 1-1 वर्ष का कारावास और 5-5 हजार के जुर्माना की सजा सुनाई है। वर्तमान में दोनों अभियुक्त जमानत न होने के कारण जेल में बंद है। न्यायाधीश ने जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित करने के आदेश भी दिए हैं।
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