मुजफ्फरनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-03 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने न्याय पथ पर फैसलों की नई इबारत लिखी। छह अप्रैल से 17 जुलाई तक सात प्रकरणों को विरल से विरलतम मानते हुए 17 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है।
वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर में शृंगार गौरी के दैनिक दर्शन-पूजन करने एवं देवी-देवताओं के विग्रह सुरक्षित करने वाली अर्जी पर जज रवि कुमार ने 2022 को एडवोकेट कमीशन की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगाई। बरेली में दो महीने में सुनवाई पूरी कर आप प्रत्याशी पर हमले के दोषी ललित सक्सेना को उम्रकैद और चित्रकूट ठोकिया गिरोह के चार सदस्यों को गैंगस्टर एक्ट में सजा भी वह सुना चुके हैं।