आरोप है कि भारी भरकम बिल का विरोध करने पर हॉस्पिटल प्रबंधन ने योगेश शर्मा को वहीं बैठा लिया और बिल का भुगतान होने तक मरीज को भी रेफर नहीं करने की बात कही।
इस पर परिजनों ने प्रशासन को जानकारी दी, जिस पर सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। वहां, हॉस्पिटल प्रबंधन से वार्ता के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने बकाया 2.42 लाख का बिल खत्म कराते हुए तीमारदार को बंधनमुक्त कराया। इसके बाद कहीं जाकर रविकांत को भी देहरादून के लिए रेफर किया गया।
प्रशासन ने किए थे रेट फिक्स
मोहल्ला आर्यपुरी के बालाजी चौक स्थित हार्ट एवं केयर सेंटर के कोविड अस्पताल करीब एक हफ्ते पूर्व भी मरीज की मौत के बाद उनके तीमारदारों पर फायरिंग किए जाने को लेकर चर्चा में रहा था।
गुरुवार को ही राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल द्वारा दोनों पक्षों में समझौता कराने के प्रयास किए गए थे, लेकिन इससे पहले ही हॉस्पिटल प्रबंधन की एक और कारगुजारी सामने आ गई। वह भी तब, जबकि जिला प्रशासन द्वारा आज ही निजी कोविड हॉस्पिटल द्वारा मरीजों से ली जाने वाली धनराशि फिक्स की थी, जिसका कोविड हॉस्पिटल द्वारा मखौल उड़ा दिया गया।