मंसूरपुर के गांव नरा में रेलवे लाइन पर बनने वाले अंडरपास का निर्माण कार्य ग्रामीणों ने रुकवा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि मौजूदा जगह पर अंडरपास बनाने का कोई औचित्य नहीं है। रेलवे विभाग को अंडरपास या फ्लाईओवर जो भी बनाना है, रेलवे फाटक के पास ही बनाएं। ग्रामीणों के विरोध के चलते इंजीनियर व मजदूर कार्य बंद कर चले गए।
रेलवे विभाग द्वारा रेलवे ट्रैक पर जितने भी फाटक हैं, उन स्थानों पर अंडरपास या फ्लाईओवर का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में सभी रेलवे फाटकों को बंद किया जा सके, जिससे ट्रेन आने पर रेलवे फाटक बंद होने के झंझट से छुटकारा मिल सके।
ट्रेन भी तीव्र गति से दौड़ती रहे तथा ट्रैफिक भी चलता रहे। गांव नरा में रेलवे विभाग द्वारा रेलवे फाटक से 300 मीटर दक्षिण की ओर अंडरपास बनाने के लिए सोमवार से खुदाई का कार्य शुरू किया गया था। ग्रामीणों ने खुदाई का कार्य यह कहकर बंद करा दिया कि इस स्थान पर अंडरपास का निर्माण उचित नहीं है।
रेलवे विभाग अंडरपास का निर्माण करें या फ्लाईओवर बनवाए। ये सिर्फ मौजूदा रेलवे फाटक पर ही होने या बनने चाहिए। यह अंडरपास गांव के मेन रास्ते से हटकर है। इससे लोगों को परेशानी होगी। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए रेलवे के इंजीनियर तथा कर्मचारी काम बंद करके वापस चले गए। विरोध करने वालों में गय्यूर, एहसान, सत्येंद्र, मुबारिक राव, उम्मेद, कासिम, दीपक, वीरेंद्र आदि ग्रामीण शामिल रहे।
उच्चाधिकारियों को अवगत कराया
रेलवे मंत्रालय के इंजीनियर मनीष कुमार का कहना है विभाग ने रेलवे फाटक पर भी सर्वे कराया था। रेलवे फाटक के दोनों ओर घनी बस्ती है। रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर या अंडरपास का निर्माण करने से पहले बस्ती के घरों व दुकानों को वहां से हटवाना पड़ेगा।
लोगों की इसी समस्या को देखते हुए फाटक से 300 मीटर की दूरी पर अंडरपास बनाने का निर्णय लिया गया है। ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे विरोध से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। फिलहाल कार्य बंद कर दिया गया है। ग्राम प्रधान वीरेंद्र सैनी का कहना है कि रेलवे विभाग को जनभावनाओं का ध्यान रखते हुए ऐसी जगह अंडरपास का निर्माण कराना चाहिए, जहां लोगों के मकान व दुकानों को कम से कम नुकसान हो।