जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष तारिक कुरैशी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गादला के मृतक अमरेश के परिजनों को मुआवजे की मांग की। अमरेश की उपद्रव के दौरान मौत हो गई थी। कांग्रेसियों ने राज्यपाल के नाम डीएम को ज्ञापन दिया, जिसमें उपद्रव के जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है।
बुधवार को कांग्रेस खुलकर दलितों के पक्ष में आ गई है। जिलाध्यक्ष तारिक कुरैशी, शहर अध्यक्ष सतीश गर्ग और प्रदेश सचिव उमाकांत शर्मा ने राज्यपाल के नाम डीएम को दिए ज्ञापन में उपद्रव के लिए प्रशासन की विफलता को बताया। कहा कि दो अप्रैल को जिले में दलितों को शांति पूर्ण प्रदर्शन चल रहा था।
प्रशासन के तालमेल के अभाव में भीड़ उग्र हुई। इस घटना से शासन की विफलता और सूचना तंत्र की अकर्मण्यता भी सामने आई है। घटना में एक गरीब मजदूर की जान चली गई। मृतक अमरेश के परिवार को मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। घायलों को मुआवजा दिया जाए। घायलों के उपचार की व्यवस्था की जाये। व्यापारियों के नुकसान क्षतिपूर्ति की जाए।
कांग्रेस हाईकमान को अवगत कराया
जिले में भारत बंद के दौरान हुए बवाल और पुलिस फायरिंग आदि के मामले में पूर्व मंत्री दीपक कुमार ने पार्टी हाईकमान को अवगत कराया है। उन्होंने यह भी कहा कि बवाल के मामले में पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है। जिले में समस्त दलितों में दहशत का माहौल है। उत्पीडऩ के कारण आक्रोश भी बना है। उन्होंने बताया कि वह पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली पहुंचकर घटना के समस्त तथ्य रखेंगे।
हिंदू मोर्चा का कलक्ट्रेट में प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर। संयुक्त हिंदू मोर्चा ने बंद के दौरान उपद्रव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम डीएम को एक ज्ञापन भी दिया। कहा कि दो अप्रैल को दलित संगठनों ने आंदोलन की आड़ में जमकर अराजकता की। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। आगजनी करने वाले संगठनों पर प्रतिबंध लगे। उपद्रवियों को शराब और धन उपलब्ध कराने वालों पर कार्रवाई हो।
मौके पर युवा वाहिनी के पंकज भारद्वाज, विश्व हिंदू महासंघ के योगेंद्र शर्मा, हिंदू महासभा के योगेंद्र वर्मा, साक्षी वर्मा, हिमांशु शर्मा, मनीष शर्मा, मनोज सैनी, बाल किशन शर्मा, श्रवण मोहन शर्मा, शालू, राजू सैनी, कशिश गोयल, बजरंग दल के विकास अग्रवाल, राष्ट्रवादी युवा मंच के विजय, हिंदू जागरण मंच के पंकज शास्त्री, सुरेंद्र मित्तल, चेतनदेव आर्य, विनय बिंदल, मनोज ठाकुर, बालेश्वर धीमान आदि रहे।