शपथ ग्रहण में नारेबाजी करते भाजपा कार्यकर्ता।
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शपथ ग्रहण समारोह के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जैसे ही अंजू अग्रवाल जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू किए। भाजपा सभासदों और उनके साथ आए कार्यकर्ताओं ने योगी-मोदी के पक्ष में नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों तरफ से इस कदर नारेबाजी हुई कि टकराव की स्थिति बन गई। इससे पहले कि शपथ समारोह जंग का मैदान बने, पुलिस ने दोनों गुटों के लोगों को खदेड़ दिया।
टाउन हाल मैदान में शपथ ग्रहण समारोह निर्धारित समय से एक घंटे बाद शुरू हुआ। डीएम जीएस प्रियदर्शी शपथ दिलाने पहुंचे। शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल भाजपा के 18 सभासदों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ शपथ समारोह में शामिल हुए। डीएम ने जैसे ही शपथ दिलाई और राष्ट्रगान पूरा हुआ, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंजू अग्रवाल के समर्थन में नारेबाजी की।
भाजपा सभासदों और उनके साथ आए कार्यकर्ताओं ने मोदी-योगी के पक्ष में नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। हालत यह हुई कि दोनों पक्ष नारेबाजी करते हुए आमने-सामने आ गए।
डीएम जीएस प्रियदर्शी और अन्य अधिकारी समारोह से निकल गए। कांग्रेस और भाजपा के बड़े नेता कुछ देर तो खड़े रहे। जब हालात खराब होने की स्थिति पैदा हुई तो पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इससे पहले कि मामला बढ़ता पुलिस ने दोनों पक्षों को खदेड़ कर मैदान खाली करा दिया। इस दौरान कांग्रेस और बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक भी हुई।
अव्यवस्थाओं का रहा बोलबाला
मुजफ्फरनगर। शपथ ग्रहण समारोह में नगर पालिका द्वारा की गई व्यवस्था बेहद ही खराब रही। शपथ समारोह के लिए इतनी छोटी जगह तैयार की गई कि वहां पर लोग आ ही नहीं पाए। पालिका ने ऐसा कोई प्लान तैयार नहीं किया था कि चेयरमैन और सभासदों को किस प्रकार शपथ दिलाई जाएगी। सभासदों के लिए इतनी कम कुर्सी थी कि कुछ को बैठने के लिए जगह ही नहीं मिल पाई। एडीएम प्रशासन हरीशचंद्र को कई बार माइक से व्यवस्था बनाने की अपील करनी पड़ी।