खतौली। नगरपालिका में आयोजित बोर्ड की पहली बैठक में सभासदों ने अधिशासी अधिकारी के रवैये पर हंगामा कर दिया। सदस्यों ने कहा कि बगैर बोर्ड की सहमति के करीब एक करोड़ रुपये का ईओ ने ठेकेदारों को भुगतान कर दिया। सभासदों ने इस मामले की जांच कराने और सर्वसम्मति से ईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। इसके अलावा एजेंडे में शामिल सात प्रस्ताव को बैठक में रखने की मांग को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
पालिका में शनिवार को चेयरमैन बिलकिस की अध्यक्षता में पालिका बोर्ड की बैठक हुई। सभासद मनोज सहरावत ने बिना बोर्ड की सहमति के 14वें व 13वें वित्त व राज्य वित्त आयोग से पांच जनवरी को ठेकेदारों को एक करोड़ रुपये का भुगतान करने की जांच कराने की मांग उठाई।
इस पर सभी सभासद सहमत हो गए और हंगामा खड़ा कर दिया। चेयरमैन ने भुगतान की फाइलों को सदन में रखने की सहमति जताई। सभी सभासदों ने सर्वसम्मति से भुगतान को प्रोसिडिंग बुक में दर्ज कर जांच कराने तथा ईओ विकास सैन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
सभासद गुरुदत्त अरोरा ने 1.50 लाख रुपये के विकास कार्य कराने का वित्तीय अधिकार चेयरमैन को देने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया। सभासद विकास कौशिक ने सभी वार्डों में प्रकाश और सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा अलाव जलाए जाने का प्रस्ताव किया। इसके अलावा सभासदों ने नगर में अलग से लाइटों को ठीक कराने के लिए ठेके पर कर्मचारी रखने की मांग की। इस प्रस्ताव पर भी सभी सभासदों ने अपनी सहमति दे दी। इसके अलावा एजेंडे में शामिल सात कार्यों के लिए आगामी बैठक में रखने की मांग को लेकर भी चर्चा की गई।
चेयरमैन बिलकिस ने सभासदों को आश्वस्त किया कि नगर मेें प्रकाश व्यवस्था और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। बैठक में ईओ विकास सैन, सभासद सुमन, अजय, विनेश, रिहाना बेगम, बीना सैनी, नेहा भटनागर, असजद, इसरार, धनपाल सिंह, मनोज सहरावत आदि रहे।