मुजफ्फरनगर। शहर के 55 वार्डों के साथ ही डलावघरों से कूड़ा कलेक्शन और निस्तारण कर रही निजी क्षेत्र की कंपनी एमआईटूसी के खिलाफ मिल रही शिकायतों की जांच होगी। चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की।
शहर में सफाई और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए निजी क्षेत्र की कंपनी एमआइटूसी से अनुबंध किया गया था। कंपनी करीब आठ माह से शहर में काम कर रही है। लेकिन 92 लाख प्रतिमाह का भुगतान पाने के बावजूद अनुबंध के अनुसार कोई भी काम नहीं कर पाने की शिकायत सामने आई हैं। पालिका स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अनुबंध में तय किया गया था कि कूड़े के स्रोत से कूड़ा उठाने के बाद शहर में कहीं भी सड़क पर नहीं डाला जाएगा। उसे वाहनों के माध्यम से सीधा डंपिंग ग्राउंड पहुंचाया जाएगा।
शिकायत मिली है कि कंपनी कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं कर रही। ईएसआई और पीएफ का भुगतान नहीं दिया जा रहा है। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि एमआईटूसी कंपनी के खिलाफ चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप को कई गंभीर शिकायतें मिली हैं। अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन भी उसमें शामिल है। कंपनी के कार्य को लेकर जनता में भी असंतोष है, जो लोगों ने चेयरपर्सन के समक्ष जाहिर किया।