मंडलायुक्त ने निरस्त कर दिया लिपिक का निलंबन
मुजफ्फरनगर। मंडलायुक्त सहारनपुर ने नगर पालिका चेयरपर्सन खेमे को एक और झटका दिया है। उन्होंने लिपिक ओमवीर सिंह को निलंबित करने के पालिका चेयरपर्सन का आदेश निरस्त कर दिया है। लिपिक को लेकर चेयरपर्सन और ईओ के बीच काफी समय तक विवाद रहा था। एक के बाद एक मामलों में चेयरपर्सन खेमे की लगातार किरकिरी हो रही है। क्योंकि दो दिन पहले ही बोर्ड बैठक के अनुमोदन को लेकर भी चेयरपर्सन के खिलाफ आदेश आया था।
पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने लिपिक ओमवीर सिंह को नगर पालिका इंटर कॉलेज में तैनात करने का आदेश दिया था, लेकिन ओमवीर ने कॉलेज में कार्यभार ग्रहण नहीं किया था। अधिशासी अधिकारी विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने चेयरपर्सन के आदेश के विपरीत लिपिक को जनगणना कार्य का दायित्व सौंप दिया था। इस पर चेयरपर्सन ने नगर पालिका इंटर कॉलेज में योगदान नहीं करने पर ओमवीर सिंह को पांच नवंबर 2019 को निलंबित कर दिया था। उन्हें कॉलेज में संबद्ध करते हुए यह आदेश जारी किए थे कि निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते का भुगतान कॉलेज में ज्वाइन करने पर ही मिलेगा। इसके बावजूद ओमवीर सिंह नगर पालिका में ही रहे और ईओ द्वारा सौंपे गए जनगणना कार्य को करते रहे। उन्होंने मंडलायुक्त को प्रार्थना पत्र भेजकर निलंबन आदेश निरस्त करने की मांग की थी। सहारनपुर मंडलायुक्त संजय कुमार ने लिपिक के निलंबन को नियम विरुद्ध माना है। उन्होंने चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल के आदेश को निरस्त कर दिया है। फिलहाल ओमवीर सिंह नगर पालिका में ही जनगणना कार्य कर रहे हैं। ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने कमिश्नर का आदेश मिलने की पुष्टि की है।
अधिकार को लेकर हुआ था विवाद
मुजफ्फरनगर। लिपिक ओमवीर सिंह को लेकर चेयरपर्सन और ईओ के बीच अपने अधिकार क्षेत्र का खूब विवाद हुआ था। कई पत्र भेजे गए थे। एक तरफ लिपिक कार्य क्षेत्र बदलने और निलंबित करने में चेयरपर्सन अपना अधिकार क्षेत्र जताती रहीं, तो ईओ भी अपने अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर लिपिक को जनगणना कार्य में ही लगाए रखने पर अड़े रहे थे। दोनों के बीच अधिकारों को लेकर खूब विवाद रहा था। यह मामला काफी चर्चाओं में रहा था।