बादल रूठे, बारिश के नहीं आसार, तापमान 36 डिग्री के पार
मुजफ्फरनगर। मौसम की बेरुखी से धान के किसानों को जोर का झटका लगा है। सितंबर में भी पारा 36 डिग्री के आसपास चल रहा है। अब तक सिर्फ एक मिमी बारिश हुई है। बारिश नहीं होने से किसानों को बार-बार फसल की सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे फसल की लागत बढ़ गई है। साथ ही फसल में बीमारी लगने का भी खतरा बढ़ गया है।
कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के प्रभारी डॉ. अनिल कटियार बताते हैं कि जरूरत से कम बारिश हुई है। धान की फसल के लिए सबसे ज्यादा पानी की जरूरत होती है। अब तक की स्थिति यह है कि किसानों को कम से कम तीन सिंचाई अधिक करनी पड़ रही हैं, जिससे प्रति हेक्टेयर हजारों रुपये का खर्च किसानों का धान पर बढ़ गया है। अमीरनगर के किसान राजन का कहना है कि बारिश नहीं होने के कारण परेशानी हुई है। खर्च बढ़ गया है। इस बार धान का भाव बढ़ाया जाना चाहिए।
रामराज खादर क्षेत्र के देवल गांव के किसान इंद्रजीत का कहना है कि धान की सिंचाई से खर्च बढ़ा है। फसल को सूंडी और अन्य कीटों से बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव कराना पड़ रहा है। अमीरनगर के किसान ब्रजपाल का कहना है कि बारिश नहीं होने से इस बार सभी फसलों को नुकसान हुआ है, लेकिन धान की फसल में सबसे ज्यादा नुकसान है। किसानों के लिए भाव अधिक घोषित होना चाहिए।
किस साल कितने मेहरबान हुए हैं बादल
साल कुल बारिश सितंबर
2012 528 90
2013 1170.5 43.3
2014 693.5 74.3
2015 787 110.8
2016 771.6 110.8
2017 842.4 294.4
2018 1212.8 351.2
2019 928.4 31.2
2020 967.4 24.0
2021 992 138
2022 522.6 1.0 (अब तक)
यह भी जान लीजिए
- पिछले साल जिले में धान का क्षेत्रफल 10800 हेक्टेयर आंका गया
- 11500 हेक्टेयर का लक्ष्य तय कर दिया इस बार शासन ने
- इस बार 12614 हेक्टेयर धान की रोपाई की है जिले के किसानों ने
- जानसठ तहसील के रामराज खादर क्षेत्र में होती है सबसे अधिक धान की रोपाई
- इस बार जिले में गन्ने का क्षेत्रफल 2600 हेक्टेयर अधिक
किस दिन कितना रहा तापमान
तिथि तापमान
08 सितंबर 36.0
07 सितंबर 36.6
06 सितंबर 35.9
05 सितंबर 36.7
04 सितंबर 36.8
03 सितंबर 36.6
02 सितंबर 35.2
01 सितंबर 36.6