दोस्तों के साथ शुक्रवार को काली नदी में नहाने गया था छात्र
किसानों ने निकाला शव, परिजनों ने कार्रवाई से किया इंकार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। दोस्तों के साथ काली नदी में नहाने गए कक्षा चार के छात्र की डूबने से मौत हो गई। आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने छात्र को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई करने से इंकार कर दिया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मिमलाना रोड स्थित वकील बाग के निवासी सरफराज का दस वर्षीय बेटा अलविश शुक्रवार को अपने कुछ दोस्तों के साथ खेलने के लिए गया था। तभी वह न्याजुपुरा स्थित जंगल के बीच निकल रही काली नदी में नहाने के लिए चले गए। नहाते वक्त अलविश डूबने लगा, जिसपर अन्य बच्चे घबरा गए और उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया।
शोर सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहें लोगों ने नदी की ओर दौड़ लगा दी। गुलफाम ने बच्चे को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। काफी मशक्कत के बाद भी अलविश नहीं बच सका। उसकी मौत हो गई। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने इंकार दिया।
सब्जी बेचकर परिवार चलाता है सरफराज
अलविश का पिता सरफराज सब्जी के ठेला लगाकर परिवार चलाता है। बच्चे की मौत के बाद पूरा परिवार गम से डूबा हुआ है। सरफराज ने बताया कि अलविश उनका तीसरे नंबर का बेटा था। उससे एक बड़ा भाई उजैफ और एक बहन जिया है। एक उसकी छोटी बहन अलीजा है। अलविश पास के ही तामीर ए मिल्लत इस्लामिया जूनियर हाईस्कूल स्कूल में कक्षा चार में पढ़ता था।
गम में बदली रमजान की खुशी
परिवार में रमजान माह और ईद की खुशी पल भर में गम में तब्दील हो गई। सरफराज का कहना था कि अलविश ईद को लेकर काफी खुश था। उन्हें खुद नहीं पता था कि अचानक उनके परिवार पर गम का पहाड़ टूट जाएगा।
रोजाना नहाते है नदी में बच्चे
खेत में काम करने वाले किसानों ने बताया कि इस नदी में रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे नहाने के लिए आते है। मना करने के बावजूद कोई भी नहीं मानता है। वहीं, सरफराज का कहना था कि नदी में बच्चों का नहाना बंद होना चाहिए।