खतौली। डाकखाने वाली गली में पालिका की पुरानी टंकी स्थल पर लाखों रुपये खर्च कर चिल्ड्रन पार्क बनाया गया था। यह पार्क आज बदहाल पड़ा है। बच्चों के लिए लगाए झूलों का नामोनिशान तक खत्म हो गया है। पार्क में लोगों के बैठने के लिए सीमेंट से बनी कुर्सी मेज टूट चुकी हैं। इस समय पार्क में कूड़ा डाला जा रहा है।
नगरपालिका ने करीब डेढ़ दशक पहले पालिका बाजार के पीछे चिल्ड्रन पार्क बनाया था। वर्तमान में इस पार्क में सूखी झाड़ियां खड़ी हैं और यहां पर कचरा डाला जा रहा है। इस पार्क का मुख्य द्वार स्कूल के सामने तथा दुकानों के बराबर में पड़ता है। यह पार्क असामाजिक तत्वों का अड्डा बना गया। पार्क की ऐसी बदहाल स्थिति नगर पालिका परिषद की अनदेखी के कारण हुई है।
सपा नेता अभिषेक गोयल ने बताया कि शाम को पार्क में बच्चों की मौज-मस्ती शुरू हो जाती थी। बुजुर्ग पार्क में आकर बैठते थे। आज के समय में जब लोगों को शुद्ध हवा ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा आवश्यकता है। यह पार्क विरान हो चुका है। फैसल अली का कहना है कि इस पार्क को फिर से रोशन करने के लिए सरकार द्वारा कोई पहल नहीं की जा रही है।
जमील अंसारी का कहना है कि शहर भर के लोग काफी आनंदित होकर घूमने तथा समय बिताने के लिए इस पार्क में पहुंचते थे। अब इस पार्क का नाम सिर्फ लोगों की जुबान पर नाम कहने लायक रह गया है। मानव गुप्ता का कहना है कि चिल्ड्रन पार्क खंडहर में तब्दील हो गया है। पार्क में हमेशा जुआरियों का जमघट लगा रहता है। यह पार्क कूड़ा घर बन चुका है।