खतौली कोतवाली में हंगामा करती वाल्मीकि समाज की महिलाएं।
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मुजफ्फरनगर के गांव सिखरेड़ा में आठ वर्षीय बच्चे की करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने जौली मार्ग पर जाम लगा कर अपनी नाराजगी का इजहार किया। एसडीएम सदर रेनु सिंह ने पीड़ित परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिलाए जाने का प्रदर्शनकारियों को आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
सिखेड़ा क्षेत्र के गांव सिखरेड़ा मेें शिया मस्जिद के पास रहने वाले इरफान उर्फ छोटा का आठ साल का बेटा सुफियान शनिवार की सुबह आठ बजे घर से बाहर सड़क पर खेलने चला गया। सुफियान बच्चों के साथ सड़क पर खेलने लगा। घर के पास ही बिजली के तार टूटे पड़े हुए थे। तारों की चपेट में आकर सुफियान झुलस गया। परिवार के लोग आनन-फानन में सुफियान को लेकर जिला अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
गुस्साए ग्रामीणों ने जौली रोड पर जाम लगा दिया। सूचना पर सिखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। ग्रामीण पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाए जाने की मांग पर अड़ गए। एसडीएम सदर रेनु सिंह व सीओ मणिलाल मौके पर पहुंचे। पीड़ित परिजनों को पांच लाख का मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर घंटों बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक परिवार की ओर से अभी तक विद्युत निगम के विरुद्ध कोई तहरीर नहीं दी गई है।