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Chandrayaan 3 Landing: मुजफ्फरनगर की बेटी शितिशा की टीम ने बनाया चंद्रयान-3 का लैंडर, अरीब हैं मिशन का हिस्सा

Wed, 23 Aug 2023 02:42 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के लिए हर कोई टीवी और मोबाइल स्क्रीन पर नजरे गड़ाए बैठा है। लैंडिंग के लाइव प्रसारण के लिए पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। मुजफ्फरनगर की बेटी शितिशा की टीम ने लैंडर का निर्माण किया है। वहीं जिले से इसरो के वैज्ञानिक अरीब अहमद मिशन का हिस्सा हैं।
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शितिशा और अरीब अहमद दाएं - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अंतरिक्ष जगत में भारत आज इतिहास रचने जा रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का मिशन चंद्रयान-3 आज शाम चंद्रमा की सतह पर ‘साफ्ट लैंडिंग’ करेगा। वेस्ट यूपी में खासा उत्साह इसलिए भी है कि मुजफ्फरनगर का बेटा और एक बेटी भी इस मिशन का हिस्सा हैं।

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बारिश के मौसम के बावजूद छात्र-छात्राओं में चंद्रयान-3 की लैंडिंग के लाइव प्रसारण का साक्षी बनने के लिए खासा उत्साह है। जिले के अवध विहार निवासी शितिशा और उनकी टीम ने जहां चंद्रयान-3 के लैंडर का निर्माण किया हे तो वहीं खतौली निवासी इसरो के वैज्ञानिक अरीब अहमद इस मिशन का हिस्सा हैं।

चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग को लेकर दोनों के घर पर पल-पल प्रार्थनाओं और दुआओं में गुजर रहा है। जाहिर है कि चांद पर तिरंगा लहराते ही खतौली में दिवाली और ईद जैसी खुशियां छा जाएंगी। तो शितिशा के घर पर भी मिठाइयां बांटी जाएंगी। इसके लिए परिजन और क्षेत्र के लोग बेहद उत्साहित हैं।

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पिता के साथ शितिशा - फोटो : Amar Ujala
शहर की बेटी शितिशा और उनकी टीम की मुख्य भागीदारी
मुजफ्फरनगर शहर के अवध विहार निवासी जैन कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. कंचन प्रभा शुक्ला की बेटी शितीशा भी चंद्रयान-3 का हिस्सा रहीं। इसरो में 2017 से कार्यरत शितीशा चंद्रयान-2 और गगनयान मिशन की इलेक्ट्रॉनिक्स विशेषज्ञ टीम में रहीं है। उनकी टीम ने लैंडर का निर्माण किया। 

जवाहर नवोदय विद्यालय बघरा की छात्रा रहीं शितीशा ने मदन मोहन मालवीय कॉलेज गोरखपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। पिता शरद वाजपेई जिला ग्राम्य  विकास अभिकरण में बतौर प्रोग्रामर कार्यरत हैं। बहन श्रेयसी वाजपेई एयर अॅथारिटी ऑफ इंडिया में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के पद पर कार्यरत हैं।

परिवार के साथ अरीब अहमद, फाइल फोटो - फोटो : Amar Ujala
मुजफ्फरनगर के खतौली  चंद्रयान-3 के चांद पर उतरने का देश को बेसब्री से इंतजार है। श्रीहरिकोटा में इसरो के वैज्ञानिक अरीब अहमद के घर पर भी पल-पल दुआओं में गुजर रहा है। चांद पर तिरंगा लहराते ही खतौली में दिवाली और ईद जैसी खुशियां छा जाएगी। लोग बेहद उत्साहित हैं।

मोहल्ला मिट्ठू लाल निवासी अरीब अहमद श्रीहरिकोटा में इसरो के इंजीनियर सेक्शन में वैज्ञानिक हैं। उनके सेक्शन में ही चंद्रयान-3 की जांच हुई थी। अरीब के मामा असद फारूखी बताते हैं कि परिवार को बस उस एक पल का इंतजार है। चंद्रयान का चांद पर उतरना हमारे लिए सबसे बड़ी बात होगी। पिता काजी महताब जिया बेहद उत्साहित हैं।

वर्ष 2021 से अरीब इसरो में नौकरी कर रहे हैं। गोल्डन हार्ट एकेडमी से पढ़ाई करने के बाद भारतीय खाद्य निगम में नौकरी की और यहीं रहते हुए दूसरी नौकरी की तैयारी की। यहीं से इसरो में चयन हुआ था।

मंगलवार को श्रीहरिकोटा से अरीब ने अपने पिता से मोबाइल पर बातचीत की। उसने कहा कि बस उस पल का इंतजार है। ऐसा लग रहा है कि जैसे मेरी परीक्षा का कोई नतीजा आने वाला है। उम्मीद और रोमांच में सब डूबे हुए हैं।
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चांद पर लहराएगा तिरंगा, शिक्षक और विद्यार्थी उत्साहित
चंद्रयान-3 की चांद पर लैंडिंग को लेकर क्षेत्र में हर कोई उत्साहित है। बारिश में स्कूल में बच्चे कम संख्या में पहुंचे। कुटेसरा के गुरुकुल पब्लिक स्कूल के शिक्षकों व बच्चों में भी उसके प्रति उत्साह दिखाई दिया। विद्यार्थियों में चंद्रयान-3 की अपने कक्ष पर सफलतापूर्वक पहुंचने के लिए प्रार्थना की गई। प्रधानाचार्य आशुतोष शर्मा ने चंद्रयान-3 से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी। कहा अंतरिक्ष के क्षेत्र में यह भारत की एक बड़ी कामयाबी होगी। चांद के दक्षिणी ध्रुव पर यह लैंडिंग को दुनिया देख रही है। भारत के इतिहास में यह कामयाबी मील का पत्थर साबित होगी।

लाइव प्रसारण के लिए तैयारी पूरी
चंद्रयान-3 बुधवार यानी आज ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करेगा। इसे लेकर पूरा देश आशांवित है। उम्मीद भरी नजरें इन लम्हों को लाइव देखना चाहती हैं। ISRO ने बताया है कि चंद्रयान-3 बुधवार को शाम छह बजकर चार मिनट पर चांद पर उतरेगा। वहीं लैंडिंग से पहले सभी मानकों की जांच की जाएगी। कोई भी समस्या होने पर लैंडिंग 27अगस्त के लिए टाली जा सकती है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम का सीधा प्रसारण 23 अगस्त 2023 को भारतीय समयानुसार शाम 17:20 बजे शुरू किया जाएगा।

लाइव कहां देख पाएंगे?
‘सॉफ्ट-लैंडिंग’ का सीधा प्रसारण इसरो की वेबसाइट के अलावा ISRO यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेज पर होगा। इसके अलावा डीडी नेशनल टीवी चैनल सहित कई मंचों पर यह लाइव देखा जा सकता है।
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