मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद के कार्यालय अधीक्षक बाबू ओमवीर सिंह को चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने हटा दिया है। उनके खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितता और नियमों के विपरीत प्रोन्नति पाने, अपनी सर्विस बुक और पालिका की कुछ महत्वपूर्ण पत्रावलियों को अपने घर ले जाकर रखने जैसे गंभीर आरोप हैं। आरोपों की जांच कराई जा रही है।
पालिका के लिपिक मनोज पाल ने नगरीय निकाय निदेशालय लखनऊ के निदेशक को पत्र लिखकर पालिका के कार्यवाहक कार्यालय अधीक्षक ओमवीर सिंह के खिलाफ घोर वित्तीय अनियमितता बतरने के आरोपों में जांच कराकर सेवा से निलम्बित करने और बरती गई अनियमितता में हुई वित्तीय क्षति की वेतन से वसूली कराने की भी मांग की थी। इसके साथ ही सभासद राजीव शर्मा और मनोज वर्मा ने भी ओमवीर सिंह के खिलाफ जिला प्रशासन और शासन को शिकायत भेजकर अनियमितता के आरोप लगाते हुए पद से हटाने, जांच कराने की मांग की थी।
पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने आदेश जारी करते हुए मुख्य कार्यालय, प्रशासनिक दृष्टिकोण के आधार पर कर विभाग में राजस्व निरीक्षक के पद पर कार्यरत पारुल यादव को मुख्य कार्यालय में प्रभारी कार्यालय अधीक्षक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।
ओमवीर सिंह की तहसील सदर से पालिका में वापसी होने पर तीन नवम्बर 2022 को तत्कालीन ईओ हेमराज सिंह ने मुख्य कार्यालय में कार्यवाहक कार्यालय अधीक्षक के साथ ही निर्माण विभाग में मुख्य लिपिक के रूप में तैनात किया, जहां पर वो वर्तमान में कार्य कर रहे हैं। निर्माण विभाग में ही अनियमितता बरतने के मामले में उनके खिलाफ शासन से जांच चल रही है। ऐसे में उनके निर्माण विभाग में कार्यरत रहने पर भी कुछ सभासदों ने ऐतराज जताया है।
जांच लटकी तो एडीएम ने भेजा रिमाइंडर
नगरपालिका परिषद् में बड़े बाबू के पद से हटाये गए निर्माण विभाग के लिपिक ओमवीर सिंह के खिलाफ शासन के आदेश पर जांच की कार्रवाई को शिथिल करने और ठंडे बस्ते में डालने पर एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने ईओ को रिमाइंडर भेजकर जांच की स्थिति की जानकारी तलब की है।
डीएम ने शासन के आदेश पर ईओ पालिका डॉ़ प्रज्ञा सिंह को एक सप्ताह में जांच पूरी कर आख्या देने के निर्देश दिये थे। एक माह बीते जाने पर भी जांच नहीं होने पर शिकायतकर्ता मनोज डीएम से मिला। डीएम के आदेश पर एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह ने ईओ पालिका को रिमाइंडर भेजकर जांच की। साथ ही वर्तमान स्थिति की जानकारी तलब की है।