मुजफ्फरनगर। मोहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद से नगर में मजलिसों का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार को शिया सोगवारों ने जंजीर और छुरियों से दिल दहला देने वाला मातम किया।
दुआएं जेहरा के मीडिया प्रभारी इंतजार हुसैन जैदी ने बताया कि मुबारिक हुसैन के निवास जसवंतपुरी से दो बजे मजलिस का ऐतमाम हुआ। मर्सियाख्वानी बबलू बाखरजा से शुरू हुई। हदीस मौलाना हसनैन मेहलकी ने अपनी तकरीर में जब करबला वालों की दास्तान सुनाई तो हजारों शिया अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं।
मौलाना ने मुल्क में अमन और चैन की दुआ कराई। तकरीर के बाद जुलजुुना घोड़ा इमाम अलम बरामद हुए। मातमी जुलूस अंजुमने नौआख्वानी जमा वसीम हुसैन, डॉ रईस, हसनैन मेहंदी पुराने रास्तों से जुलूस मस्जिद कुबरा पर समाप्त हुआ।
हुसैनी नौजवानों ने मल्हूपुरा मेन रोड पर जंजीर और छुरियों से नन्हे-मुन्ने बच्चों सहित पुरुषों ने दिल दहला देने वाला मातम किया। यहां सड़क खून से तरबतर हो गई और देखने वालों ने दांतों तले उंगली दबा ली। जुलूस के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। पुलिस बल जुलूस के साथ ही चला।