स्थानीय लोगों के अनुसार यदि सेटबैक लागू किया गया तो किसी का बाथरूम तो किसी का ड्राइंग रूम खत्म हो जाएगा। इससे घर रहने लायक नहीं रहेंगे और लोगों को मजबूरन अपने घर छोड़ने पड़ सकते हैं।
लोगों ने सवाल उठाया कि अगर मकानों का हिस्सा टूटेगा तो वे आखिर रहेंगे कहां। उनका कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत से अपने छोटे-छोटे घर बनाए हैं और अब उन पर संकट खड़ा हो गया है।
निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए समाधान निकाला जाए, ताकि आम लोगों को अपने ही घरों से बेघर होने की नौबत न आए। फिलहाल क्षेत्र में लगे पलायन के पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए हैं और लोग इस मुद्दे को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।