मोरना। शुकतीर्थ स्थित दंडी आश्रम में स्वामी गुरुदेवेश्वर आश्रम महाराज की द्वितीय पुण्यतिथि मनाई गई। पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। संत महात्माओं के बीच भंडारे के प्रसाद का वितरण किया गया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए महादेव आश्रम महाराज ने कहा कि भारत देश ऋषि और कृषि की भूमि है। मन, वाणी और कर्म एक रहना चाहिए। पाठशाला, संस्थाओं एवं आश्रमों का संरक्षण करना होगा। त्याग से ही इनका निर्माण हुआ है। दंडी आश्रम में ज्ञानी पुरुषों का वास रहने से यह दिव्य हो गया। ब्रह्मलीन गुरुदेवेश्वर आश्रम महाराज को धार्मिक कार्यों का ज्ञान था। उन्होंने संस्कृति और संस्थान को बढ़ावा दिया। सनातन धर्म की रक्षा के लिए आश्रम, अखाड़े, पाठशाला एव संस्थाएं आदि बनाए।
स्वामी धुर्वानंद महाराज ने कहा कि जीवन का उत्सव भी निर्माण उत्सव है। स्वामी गीतानंद महाराज ने कहा कि दंडी आश्रम विद्या, आध्यात्मिक शिक्षा का केंद्र हैं। भाग्यशाली लोगों को संत कृपा प्राप्त होती है। स्वामी अशोकानंद महाराज ने कहा कि भागवत नाम से जीव का सदा सदा के लिए कल्याण हो जाता है।
हरिद्वार से पधारे स्वामी महेश आनंद महाराज ने कहा कि स्वामी गुरुदेवेश्वर महाराज सरल स्वभाव के दुर्लभ संत थे। संचालन केडी शर्मा एवं अध्यक्षता स्वामी गिरीश आश्रम महाराज ने की। स्वामी जनार्दन स्वरूप महाराज, मनोहर शर्मा, विनोद शर्मा, गोविंद, राजकुमार राज, अवनीश कौशिक, जगदीश वशिष्ठ, गंगा दत्त शर्मा, पुनीत आदि मौजूद रहे।