संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। मोहल्ला कानूनगोयान स्थित दिगंबर जिन मंदिर में मुनि सुव्रतनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक भक्ति भाव के साथ मनाया गया। नीरज जैन ने बताया कि प्रभु मुनि सुव्रतनाथ जैन धर्म के 20 वें तीर्थंकर है।
उन्होंने बताया कि मुनि सुव्रतनाथ का जन्म कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा को राजगृही में हुआ था। प्रभु ने चार घाती कर्मों का नाश कर परम दुर्लभ कैवलय ज्ञान की प्राप्ति की थी। इसके पश्चात प्रभु ने चार तीर्थों की साधु-साध्वी व श्रावक-श्राविका की स्थापना की और स्वयं तीर्थंकर कहलाए। प्रभु ने सम्मेद शिखरजी में फाल्गुन कृष्ण द्वादशी के दिन निर्वाण प्राप्त किया। प्रभु के मोक्ष के साथ ही प्रभु ने अष्ट कर्मों का क्षय कर सिद्ध हो गए।
अरुण जैन ने बताया कि 17 फरवरी दिन शुक्रवार तीर्थंकर मुनि सुब्रतनाथ का मोक्ष कल्याणक, शिखरजी में निरजर कूट पर हुआ था। आज के ही दिन रात्रि के पिछले प्रहर व श्रवण नक्षत्र में 1000 मुनिराजों के साथ सिद्ध लोक में विराजमान हो गए थे। कार्यक्रम के अरुण नंगली, सतीश, रवि, उमेश, पंडित सुनील, ऋषभ, कनिष्क, राकेश, रामकुमार, अंजू, मंजू, वर्षा, संगीता, कांता देवी, माया देवी, उषा, प्रकाशो देवी, अजय, पवन, सुनील, नीरज प्रवक्ता, सार्थक आदि उपस्थित रहे।