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Muzaffarnagar News: सीबीआई का तर्क, अदालत में दाखिल की थी मूल कॉपी

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- राधा मोहन द्विवेदी की पत्रावली में अदालत ने की सुनवाई
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- प्रकरण में अगली सुनवाई के लिए 20 जनवरी नियत की गई

अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड की गायब मूल पत्रावलियों की फोटो कॉपी को साक्ष्य मानने के प्रकरण में सीबीआई ने कहा कि मूल पत्रावलियां दाखिल की गईं थीं। समर्थन में इंडेक्स का हवाला दिया गया। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 20 जनवरी नियत की है।
सीबीआई बनाम राधा मोहन की पत्रावली में अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या नौ में सुनवाई चल रही है। सीबीआई ने मूल पत्रावलियों की फोटोकॉपी को ही साक्ष्य मानने का तर्क दिया है।
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विशेष अभियोजक ने यह तर्क भी दिया कि अदालत में पहले अलग-अलग करीब 15 मूल पत्रावलियां ही दाखिल की गईं थीं। मूल कॉपी गायब होने के बाद अब फोटो कॉपी को साक्ष्य माना जाना चाहिए। उधर, अदालत ने दोनों पक्षों के तर्क सुने और अगली सुनवाई के लिए 20 जनवरी नियत कर दी है।
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इनसेट
यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे।
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