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बंधक बनाने का मामला: मजदूर की गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट हत्या की धारा में होगी तब्दील, अंकित पर कसा शिकंजा

Sun, 28 Jun 2026 12:07 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

Muzaffarnagar News: तितावी की दोना बनाने की फैक्टरी में बंधक बनाकर मजदूरों से काम कराया जा रहा था। एक मजदूर ने भागकर पुलिस को जानकारी दी तो मामला खुला। इस मामले के आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आ पाए हैं।
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फैक्टरी से छुड़ाए गए मजदूर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुजफ्फरनगर के तितावी के गांव मांडी में दोना फैक्टरी में मजदूरों को बंधक बनाने व एक मजदूर की गैर इरादतन हत्या के मामले में वांछित फैक्टरी मालिक अंकित बालियान सहित दो आरोपियों की पुलिस की पांच टीम ने तलाश तेज कर दी है। हालांकि फैक्टरी मालिक ने कोर्ट में सरेंडर अर्जी लगाई है। पुलिस ने दर्ज किए गैर इरादतन हत्या के मामले को हत्या की धारा में परिवर्तित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पुलिस ने फैक्टरी से 23 जून को एक दर्जन मजदूरों को मुक्त कराया था। इसी बीच यह भी खुलकर सामने आया था कि नौ माह पहले जिस मजदूर का शव मांडी के जंगल में मिला था वह नेपाल निवासी अर्जुन टोपी का था और वह भी फैक्टरी में काम करता था। इसके बाद पुलिस ने बंधक बनाकर रखना व एक मजदूर की गैर इरादतन हत्या के मामले में तितावी थाने में दो मामले दर्ज किए गए थे।
 

पुलिस ने इस मामले में फैक्टरी के सुपर वाइजर बुढ़ाना के गांव उकावली निवासी शिवा व फैक्टरी मालिक अंकित बालियान के पिता प्रदीप बालियान को गिरफ्तार किया था। पुलिस को फैक्टरी मालिक व एक अन्य आरोपी की तलाश है। दोनों आरोपियों की तलाश में एसआइटी सहित पांच टीम लगी हुई हैं। उधर, फैक्टरी मालिक ने कोर्ट में सरेंडर अर्जी लगाई है। इसके बाद भी पुलिस ने आरोपियों की तलाश जारी है।
 

ये था मामला
तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव की दोना बनाने की फैक्टरी में डेढ़ साल से यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड समेत अन्य स्थानों से लाए गए मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया। बंधुआ मजदूर बनाकर दिन में एक बार सूखी रोटी देकर 24 घंटे काम कराया जाता रहा। वेतन मांगने एवं बाहर जाने की बात पर नुकीले डंडों से मारपीट की जाती और पिटबुल कुत्तों से भी डराया जाता था। मामले में नया मोड़ 22 जून को आया। मजदूर विक्रम ने किसी तरह फैक्टरी से भागकर तितावी थाने में जानकारी दी। इसके बाद 23 जून को पुलिस और श्रम विभाग की टीम ने मजदूरों को बंधनमुक्त कराया था।
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इन मजदूरों को कराया था मुक्त
- उज्ज्वल, महोबाकी, भभुगा
- संतोष, जोरगामा, बिहार
- रंजीत पासवान, मोतीहारी, बिहार
- शिवम, औरैया
- रामू, जोलीकोट, नैनीताल
- दिलशाद, अमरोहा
- सोनू चौहान, आगरा
- विक्रम, जोधपुर, राजस्थान
- राज हंस, मधुबनी, बिहार

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