मुजफ्फरनगर। निकाय चुनाव में आरओ और एआरओ बनाए गए अफसरों की लापरवाही से प्रत्याशियों को कार्यालय खोलने की अनुमति समय से नहीं मिल पा रही है। रविवार को अधिकारी पूरे दिन कार्यालय में नहीं बैठे। सोमवार को 12 बजे तक कोई अधिकारी नहीं आया तो प्रत्याशियों और उनके वकीलों ने डीएम से शिकायत की।
चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार निकाय चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को अपना कार्यालय खोलने और वाहन आदि की अनुमति आरओ, एआरओ से लेनी होगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने इसी कारण काफी संख्या में आरओ और एआरओ की ड्यूटी लगाई हैं। आयोग के आदेशों के अनुसार आरओ और एआरओ को कोई अवकाश नहीं मिलेगा। आचार संहिता का पालन कराने के लिए उन्हें निरंतर ड्यूटी करनी है। शनिवार को प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित हुए।
रविवार को अपना कार्यालय खोलने के लिए प्रत्याशी कलक्ट्रेट में आरओ के ऑफिस पहुंचे तो आरओ और एआरओ नहीं मिले। तमाम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हद तब हो गई जब सोमवार को भी दिन में 12 बजे तक कोई अधिकारी नहीं आया। बाद में परेशान होकर प्रत्याशियों और उनके वकीलों ने जिला निर्वाचन अधिकारी जीएस प्रियदर्शी से शिकायत की। उन्होंने सहायक निर्वाचन अधिकारी एडीएम सुनील कुमार सिंह को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद आरओ और एआरओ ने ऑफिस में बैठकर प्रत्याशियों को कार्यालय खोलने आदि की अनुमति देनी शुुरू की।
डीएम को शिकायत करने वाले वकील कमलकांत कश्यप ने बताया कि वह वार्ड 12 के भाजपा प्रत्याशी के कार्यालय की अनुमति के लिए आए थे। रविवार को कोई अधिकारी नहीं मिला और सोमवार को भी 12 बजे तक लोग परेशान रहे। कई अन्य प्रत्याशियों और उनके वकीलों ने भी यही बात कही।
एक घंटा पहले पहुंचेंगे जोनल मजिस्ट्रेट
मुजफ्फरनगर। डीएम जीएस प्रियदर्शी ने जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट की बैठक में निकाय चुनाव को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए। सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट क्षेत्र के एसडीएम और सीओ के साथ बैठक करेंगे। निर्वाचन संबंधी सभी नियमों की संपूर्ण जानकारी कर लें। अपने क्षेत्र का निरीक्षण करें मतदान स्थल पर जो कमियां हैं उन्हें पूरी कराएं।
चौधरी चरण सिंह सभागार में चुनाव में ड्यूटी पर लगाए गए अधिकारियों की बैठक में डीएम ने कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ क्षेत्र के संभ्रात लोगों के मोबाइल नंबर भी एकत्र कर लें। जोनल मजिस्ट्रेट अपने सेक्टर मजिस्ट्रेट और उच्चाधिकारियों के टेलीफोन नंबर अपनी डायरी में रखें। बूथों से संबंधित जानकारी भी उनके पास उपलब्ध रहनी चाहिए।
जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट थानों में अपने मोबाइल नंबर नोट कराएं और संवेदनशील, अति संवेदनशील एवं क्षेत्र के गैगस्टर एवं अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्तियों की सूची भी प्राप्त करें। अफसरों को जो चेक लिस्ट दी गई है, उसका अध्ययन कर लें।
उन्होंने कहा कि पोलिंग पार्टियों की रवानगी के समय ही उन्हें नाश्ते आदि के पैसा का भुगतान करा दिया जाए। पोलिंग पार्टियों की किट को भी सही से चेक कर लें।
मतदान की सूचना कंट्रोल रूम में दें। प्रत्येक मतदान स्थल के लिए पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इस अवसर पर सीडीओ अंकित कुमार अग्रवाल, एडीएम एफ सुनील कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन हरीश चंद्र, सहायक निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार मौजूद रहे।