महिमा की मां से मिलने पहुंचीं रालोद प्रत्याशी।
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महिमा विश्वकर्मा आत्महत्या मामले में पुलिस का दबाव बढ़ने पर आरोपी कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी में हैं। क्राइम ब्रांच मृतका की मां, भाई और मामा के बयान ले चुकी है। मामला चर्चित होने के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ी है। दबंगों के चंगुल से भागे अरुण के 25 फरवरी को बयान कलमबंद किए जाएंगे।
महिमा आत्महत्या मामले में जन आक्रोश बढ़ने के बाद पुलिस प्रशासन की आंखें खुली थी। दबंगों के कब्जे से भाई की रिहाई न होने तथा लखनऊ में जहरखुरानी गिरोह द्वारा लूटे गए साढ़े चार लाख रुपये वसूलने के लिए परिवार पर दबाव बनाने से आहत महिमा ने खुदकुशी कर ली थी। ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही महिमा ने अपनी मां के साथ 14 फरवरी को एसएसपी बबलू कुमार से न्याय की गुहार लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया था। पीड़ित परिवार की कहीं सुनवाई नहीं हुई।
आरोपी दबंग थाने से लेकर मृतका के घर तक धमकी और दबंगई दिखाते रहे। मृतका का पिता देव प्रकाश पुत्र रामस्वरुप अभी भी घर नहीं लौटा है। पुलिस का ढुलमुल रवैया देखते हुए विश्वकर्मा समाज और अति पिछड़े वर्ग ने कप्तान आफिस पर प्रदर्शन किया था। इसके बाद जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी। बृहस्पतिवार को महिमा की मां संजू देवी और मामा ऋषिपाल के बयान विवेचक विपिन कुमार ने लिए। अक्षय के साथ लखनऊ में बंधक बनाए गए पुरकाजी के मेघा शकरपुर निवासी अरुण गुर्जर के बयान 25 फरवरी को लिए जाएंगे। जन आक्रोश की वजह कहें या खाकी का मकड़जाल, नामजद आरोपी कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी कर रहे हैं।
जुल्म के खिलाफ होगा संघर्ष
शहर सीट से रालोद प्रत्याशी पायल माहेश्वरी ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ अंकित विहार में महिमा की मां संजू देवी और बाबा रामस्वरुप से मिलकर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब बिटिया को इंसाफ नहीं मिला तो उसे आत्महत्या के लिए विवश होना पड़ा। पीड़ित परिवार पर हुए जुल्म के खिलाफ रालोद संघर्ष करेगा। महानगर अध्यक्ष मनोज शर्मा, सुमन माहेश्वरी, विवेक गर्ग, धमेंद्र मुखिया, संदीप अग्रवाल, रमन बंसल, तरूण गोयल आदि मौजूद रहे। उधर, सहारनपुर से आए क्षेत्रीय भाजपा कार्यकारिणी सदस्य ओपी पांचाल ने इंसाफ की लड़ाई में संघर्ष का भरोसा दिया। विश्वकर्मा सभा सहारनपुर के पूर्व अध्यक्ष जनेश्वर आर्य, अनिल कुमार धीमान, जेपी पांचाल आदि मौजूद रहे।