अधिवक्ता समीर सैफी हत्याकांड में सीए को क्लीनचिट
मुजफ्फरनगर। अधिवक्ता समीर सैफी हत्याकांड में शहर कोतवाली पुलिस ने संदेह के घेरे में आए सीए को क्लीनचिट देते हुए चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। 15 अक्तूबर को लापता हुए अधिवक्ता समीर सैफी की उसी के दोस्तों ने चलती कार में हत्या कर दी थी, जिसकी लाश पांच दिन बाद भोपा गांव सीकरी के जंगल से बरामद की गई थी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लद्दावाला निवासी अधिवक्ता समीर सैफी पिछले साल 15 अक्तूबर को संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। पुलिस ने समीर के दोस्त सिंगोल समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर 20 अक्तूबर को उसकी लाश भोपा क्षेत्र के गांव सीकरी के जंगल में गड्ढे से बरामद की थी। पूछताछ में हत्यारोपियों ने अधिवक्ता की हत्या अपहरण के तत्काल बाद चलती कार में रस्सी से गला घोंटकर किए जाने की जानकारी दी थी। अधिवक्ता की हत्या के बाद परिजन व आसपास के लोगों ने शहर कोतवाली में जमकर हंगामा करते हुए एक अफसर पर संगीन आरोप भी लगाए थे। इसके साथ ही एक सीए पर भी परिजनों ने हत्या में शामिल रहने का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में अधिवक्ता के दोस्त सिंगोल अल्वी के साथ ही मोनू व शालू और शव को ठिकाने लगाने में मदद करने वाले दिनेश के खिलाफ अपहरण, हत्या व सुबूत मिटाने की धाराओं में चार्जशीट तैयार कर बुधवार को कोर्ट में दाखिल कर दी है। वहीं, चार्जशीट में सीए को क्लीनचिट दे दी गई है। पुलिस का दावा है कि सीए की मौजूदगी घटना व उसके बाद अपने घर व दफ्तर में ही पाई गई है, जिसके खिलाफ किसी तरह के सुबूत नहीं मिल पाए हैं।