चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि
भोपा। करहेड़ा निवासी मुआसी का पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के प्रति प्रेम आज भी मिसाल है। बुजुर्ग और मुआसी के परिवार के लोग बताते हैं कि वह चौधरी साहब से मिलने साइकिल पर सवार होकर दिल्ली जाते थे। 24 घंटे उनके हुक्के वह साइकिल पर पार्टी का झंडा बंधा रहता था।
भोपा क्षेत्र के गांव करहेड़ा के बुजुर्ग पूरण सिंह, राजपाल सिंह, दयाराम, सोपाल सिंह बताते हैं कि उनके गांव का अनुसूचित जाति के मुआसी से पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह स्नेह करते थे।
मुआसी को जब चौधरी साहब से बात करनी होती थी तो वह मुजफ्फरनगर डाकघर में जाकर फोन पर बात करते थे। जब भी चौधरी साहब का कार्यक्रम इस क्षेत्र मे होता था तो चौधरी साहब मुआसी को अपने साथ रखते थे। एक बार चौधरी साहब की पत्नी गायत्री देवी का कार्यक्रम क्षेत्र के कई गांव में होना था। जब करहेड़ा के लोगों को कार्यक्रम नहीं मिला तो गांव के दर्जनों लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर मुआसी को लेकर मुजफ्फरनगर डाकघर में पहुंचे थे, जहां से मुआसी ने चौधरी साहब को फोन कर गायत्री देवी का कार्यक्रम करहेड़ा में तय कराया था।
गांव के बिन्नू, हरविंदर, विपिन, प्रदीप आदि बताते हैं कि मुआसी और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के किस्से आज भी सुने जाते हैं।
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जब चुनाव लड़ने से कर दिया था इन्कार
भोपा। बुजुर्ग बताते है कि एक बार चौधरी चरण सिंह ने उन्हें मुजफ्फरनगर बुलाया। जिला कार्यकारिणी को आदेश दिया था कि मुआसी को चुनाव लड़ाना है। चौधरी साहब ने मुआसी से बात भी की, लेकिन मुआसी ने चुनाव लड़ने से मना करते हुए उनसे कह दिया था कि कोई पद नहीं चाहिए। मुआसी चौधरी साहब के कुर्ता,धोती व टोपी के मुरीद थे। कई बार चौधरी साहब ने अपने साथ-साथ उन्हें भी इस तरह के कपड़े सिलवाकर उन्हें भेट किए थे। यही नहीं चौधरी चरण सिंह उनके घर का खाना भी खाते थे।