मीरापुर। दिल्ली-पौड़ी नेशनल हाईवे पर तड़के पांच बजे प्राइवेट बस और ट्रक के बीच आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे में बस चालक और परिचालक की मौत हो गई, जबकि हेल्पर समेत तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि घायलों को उपचार के लिए जानसठ सीएचसी भेजा गया। हादसे से हाईवे का यातायात घंटों प्रभावित रहा। पुलिस ने वाहनों को हटवा कर यातायात सुचारु कराया।
यह हादसा मीरापुर के पास शनिवार प्रात: करीब पांच बजे हुआ। हरिद्वार से एक प्राइवेट बस कांवड़ियों को छोड़कर वापस मेरठ जा रही थी। दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग पर मीरापुर थाना क्षेत्र में टूटी पुलिया के पास मेरठ की ओर से तेज गति से आती ट्रक ने बस में जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बस के परखचे उड़ गए।
हादसे में मेरठ जिले के सरधना क्षेत्र के ईदगाह रोड निवासी बस चालक उमरदीन (45) पुत्र चांदू और मोहल्ला सेठान निवासी परिचालक नईम उर्फ टोनी (48) पुत्र हबीबुल्ला की मौके पर ही मौत हो गई।
उधर, ट्रक चालक नसीम अहमद पुत्र शमीम अहमद, शमीम अहमद पुत्र सईद अहमद, निवासीगण राजा का ताजपुर, नजीबाबाद और बस का हेल्पर प्रमोद शर्मा पुत्र विरेंद्र शर्मा, निवासी गांव रासना थाना सरूरपुर मेरठ गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मची चीखपुकार सुनकर हाईवे के निकट काम कर रहे डॉ महेंद्र प्रजापति, यूसुफ कैथोड़ा आदि लोगों के साथ पुलिस इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। मृतकों एवं घायलों को वाहनों से बाहर निकाला गया।
पुलिस ने तीनों घायलों को तुरंत जानसठ सीएचसी भर्ती कराया, जहां से दो गंभीर घायलों को जिला चिकित्सालय भेजा गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया।
दुर्घटना की जानकारी मिलने पर बस मालिक मोहम्मद अजहर पुत्र मुबस्सिर अहमद निवासी मवाना रोड इंचौली जनपद मेरठ ने थाने पहुंचकर दुर्घटना की एफआईआर दर्ज कराई है।
नहीं पहुंची एंबुलेंस, महिला ने तड़प कर दम तोड़ा
मोरना। गांव सीकरी के मजरे खुशीपुरा निवासी वसलुदीन पुत्र अकबरूद्दीन मजदूरी करता है। वर्तमान में वह परिवार के साथ हरियाणा के समीपवर्ती गांव में धान की रोपाई का काम कर रहा है। शनिवार को वह अपनी 48 वर्षीय पत्नी कनीजा और पुत्री के साथ बाइक से घर लौट रहा था।
मोरना और लक्सर मार्ग कर गांव वजीराबाद स्थित त्रिपाल के ईंट भट्टे के पास सामने से आ रही भैंस ने बाइक में टक्कर मार दी। इसमें कनीजा सड़क गिरकर गंभीर रुप से घायल हो गई। पति और बेटी को भी चोटें आई। राहगीरों की सूचना के बाद भी सरकारी एंबुलेंस काफी देर बाद घटनास्थल पर पहुंची। तब तक कनीजा की मौत हो चुकी थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कनीजा आधा घंटे तक तड़पती रही। अगर समय पर घायल कनीजा का उपचार कराया जाता तो वह बच सकती थी। हादसे के बाद भैंस लेकर आ रहा युवक खेतों में जाकर छिप गया।
कुछ लोगों ने उसका पीछा भी किया, मगर वह हाथ नहीं आया। सूचना मिलने पहुंचे थाना भोपा प्रभारी विजय सिंह ने घटना की जानकारी ली। उसके पति ने पुलिस को पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। दोपहर बाद कनीजा के शव को गांव में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। महिला दस बच्चों की मां थी। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। ब्यूरो