- चरथावल क्षेत्र के न्याूम गांव में 15 साल पहले हुई थी वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। चरथावल थाना क्षेत्र के न्यामू गांव में 15 साल पहले राशन डीलर को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में भाई-बहन को पांच-पांच साल की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या एक के पीठासीन अधिकारी जय सिंह पुंडीर ने फैसला सुनाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष त्यागी ने बताया कि राशन डीलर संजय नौ नवंबर 2008 की रात ट्यूबवेल पर पानी चलाने की बात कहकर घर से निकला था। 10 नवंबर को पड़ोसी के खेत में संजय का शव बरामद हुआ था। पीडि़त पक्ष ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस ने मोबाइल की जांच की तो गांव की ही पिंकी से संजय की देर रात बातचीत मिली। पुलिस ने पिंकी और उसके भाई रजनीश से पूछताछ की। जांच में सामने आया राशन डीलर खेत में जाने के बजाए गांव की ही पिंकी से मिलने पहुंच गया। दोनों बातचीत कर रहे थे, इसी दौरान रजनीश मौके पर पहुंच गया।
गुस्साए रजनीश ने संजय को कमरे में बंद कर दिया। इससे आहत होकर राशन डीलर ने कमरे में ही फांसी के फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। वारदात के बाद भाई-बहन ने शव को बोरे में बंद कर खेत में फेंक दिया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या एक के पीठासीन अधिकारी जय सिंह पुंडीर ने की। भाई-बहन को धारा 306 में पांच-पांच साल और धारा 201 में एक-एक साल की सजा सुनाई है।