पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। अगर सब कुछ सही रहा और तोप को लेकर कोई सियासत ना हुई तो क्षेत्र के लोगों में तोप के पुरकाजी सूलीवाला बाग पर आने की उम्मीद है। उधर, ग्रामीणों ने खेतों में दबी अन्य तोपों को भी प्रशासन से निकलवाने की मांग की है।
गांव हरिनगर निवासी विनोद कश्यप के खेत से गत 20 जनवरी को एक तोप निकली थी। जिसे पुरकाजी चेयरमैन एवं भाकियू प्रदेश महामंत्री जहीर फारूकी ने अपने प्रयासों से निकलवा लिया था। पुलिस ने तोप को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया था मगर भाकियू नेता तोप को पुरकाजी सूली वाला बाग पर ले आये थे। जिसे लेकर पुलिस व भाकियू नेताओं में टकराव का माहौल बन जाने पर पुलिस तोप कब्जे में लिए बिना ही वापस लौट गई थी। 23 जनवरी की देर रात्री भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में प्रशासन ने तोप को उठवाकर जांच के लिए आगरा भिजवा दिया था। चेयरमैन जहीर फारूकी का कहना है कि जब पुरातत्व विभाग की टीम तोप लेने आई थी उस वक्त टीम ने बताया था कि तोप मुगल कालीन समय की होने पर केंद्र सरकार को सौंप दी जाएगी और अगर तोप ब्रिटिश कालीन की हुई तो जनपद प्रशासन के सुपुर्द कर दिया जाएगा। प्रशासन जहां चाहे तोप को रख सकता है। उनका कहना है कि आगरा में हुई जांच में तोप ब्रिटिश काल की निकली है इसलिए तोप जनपद के प्रशासन को ही मिलने की संभावना है।
उधर, जहीर फारूकी, गांव हरिनगर के पूर्व प्रधान लाल सिंह , किसान विनोद कश्यप, हाफिज सुलेमान, मौहम्मद सुलेमान आदि लोगों का कहना है कि गांव हरिनगर के जंगलों में दो तोपें और अन्य गोले भी दबे हुए हैं जिन्हें निकलवाने की कई बार मांग प्रशासन से की जा चुकी है , लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
पुरकाजी में मिली तोप को जांच के लिए आगरा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग में भेजा गया है। वहां जांच की गई है। उनकी जांच रिपोर्ट अभी हमें मिली नहीं है, जांच रिपोर्ट में यदि तोप ब्रिटिश काल की हुई तो प्रशासन तोप को वापस जिले में ही मंगवाया जाएगा। - अमित सिंह, एडीएम प्रशासन