मुजफ्फरनगर। मौसम के बिगड़ने से एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी में कारोबार निरंतर प्रभावित हो रहा है। माल की आवक पर ब्रेक लगने से गुड़ उद्योग की गति धीमी पड़ गई है। बारिश के कारण जिले के तीन हजार कोल्हुओं में से 90 फीसदी बंद हो गए हैं। सूखा ईंधन न मिलने से यह स्थिति पैदा हुई है। यही कारण है कि तीन दिन से नाममात्र का ही गुड़ मंडी आ रहा है।
जिले के कोल्हुओं पर मौसम की मार से गुड़ उत्पादकों में मायूसी है। जिले में लगभग तीन हजार कोल्हू हैं। सूखी खोई नहीं मिलने से करीब 90 फीसदी बंद हैं। इन कोल्हू संचालकों को मौसम के खुलने का इंतजार है। बिगड़ मौसम के चलते मंडी में गुड़ की आवक नहीं हो पा रही है। बीते 15 दिन से यहां आपूर्ति प्रभावित है। मंडी में जहां प्रतिदिन दस से 20 हजार गुड़ के कट्टों की आपूर्ति हो रही थी। फिलहाल वह 500-1000 रह गई है। मंडी में बारिश के कारण बीते तीन दिन से आपूर्ति शून्य है।
क्या कहते हैं व्यापारी
गुड़ मंडी एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी ने कहा कि इस बार मौसम 15 दिन से खराब है। इसी वजह से गुड़ का व्यापार प्रभावित हो गया है। कोल्हू चलेंगे तो गुड़ मंडी आएगा। गुड़ व्यापारी अचिंत मित्तल का कहना है कि काफी साल बाद सर्दी के मौसम में सीजन इतना खराब देखने को मिल रहा है। मौसम के खुलने के बाद ही गुड़ की आपूर्ति होगी।
चीनी मिलों में दो दिन नो केन की स्थिति
जिले में तीन दिन हुई बारिश के चलते दो दिन चीनी मिलों में नो केन की स्थिति रही। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि 23 जनवरी को जिले की चीनी मिलों में महज एक लाख क्विंटल गन्ना ही पहुंच पाया। 24 जनवरी को केवल दो लाख क्विंटल गन्ना आपूर्ति हो पाया। इससे दो दिन मिलों नो केन की स्थिति रही। वहीं, मंगलवार को पौने पांच लाख क्विंटल गन्ना मिलों में पहुंचा है।