पुरकाजी। उत्तराखंड में हो रही लगातार बारिश का पानी बुधवार की सुबह सोलानी नदी में आ जाने से नदी उफान पर आ गई। नदी से पानी बाहर निकलकर जंगलों में भर गया। बाढ़ के कारण कई गांवों का संपर्क टूटने से ग्रामीणों को आवागमन के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकतर ग्रामीण घरों में कैद होकर रह गए हैं। दोपहर बाद पानी थोड़ा कम होने पर ग्रामीणों ने राहत महसूस की।
उत्तराखंड में पिछले काफी दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसका पानी सोलानी नदी में छोड़ा जा रहा है। सोनाली नदी में उफान से खादर क्षेत्र में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। बुधवार की सुबह फिर सोलानी नदी का पानी बाहर निकलकर भदौला, पांचली, रजगल्लापुर, रामनगर, शेरपुर नगला, अलमावाला, जिंदावाला आदि ग्रामों के जंगलों में भर गया। कई गांवों के रास्तों पर पानी आ जाने से ग्रामीणों का आवागमन बंद हो गया।
नतीजतन ग्रामीण अपने घरों में कैद होकर रह गए। इसके अलावा कुछ गांवों के बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाए। जंगलों में जाने के रास्ते बंद हो जाने से ग्रामीण पशुओं के लिए चारा भी नहीं ला पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उत्तराखंड की पहाड़ियों से रोजाना पानी छोड़ा जा रहा है,. जिससे खादर क्षेत्र के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जंगलों में इस कदर पानी भरा हुआ है कि अगर कुछ बारिश हो गई तो खादर क्षेत्र में बाढ़ आ जाएगी।
अधिकारियों के नहीं आने पर मायूस लौटे ग्रामीण
पुरकाजी। खादर क्षेत्र में सोलानी नदी के किनारे टूटने के कारण कई गांवों में पानी घुस आने की जानकारी ग्रामीणों द्वारा सोमवार को मेरठ सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी गई थी। इस पर अधिकारियों ने ग्रामीणों को बुधवार को 11 बजे दोपहर खादर क्षेत्र में आकर सोलानी नदी के किनारों का निरीक्षण करने का आश्वासन दिया था। ग्राम शेरपुर के निकट बने लोहे के पुल पर ग्राम रामनगर,अलमावाला, रजगल्लापुर, भदौला आदि के ग्रामीण अधिकारियों को अपना दुखड़ा सुनाने के लिए जमा हो गए।
मगर, घंटों इंतजार करने के बावजूद वहां किसी भी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर ग्रामीण मायूस होकर लौट गए। इस संबंध में मेरठ सिंचाई विभाग के एसडीओ अशोक जैन का कहना है कि ग्रामीणों को हम लोगों ने नहीं बुलाया था। हम लोगों का खादर क्षेत्र में जाने का कार्यक्रम था, मगर उत्तराखंड में मीटिंग होने के कारण टीम खादर क्षेत्र में नहीं पहुंच पाई।