सूबे में योगी सरकार ने अवैध पशु कटान पर प्रतिबंध लगा रखा है। खतौली के गांव सराय रसूलपुर में अवैध रूप से पशु कटान का लाइसेंस जारी होने से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। लखनऊ से जांच के निर्देश आते ही आनन-फानन में जांच की गई तो कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से कटान का लाइसेंस जारी होना मिला। लाइसेंस को तत्काल निरस्त कर सेंटर पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
खतौली के गांव रसूलपुर सराय में केंद्र सरकार का कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) खुला हुआ है। सेंटर से खाद्य पंजीकरण के लिए आवेदन लिए जाते हैं, जिसके लिए आधार कार्ड या पहचान-पत्र अनिवार्य है। साथ ही छोटे स्लाटर हाउस, मीट विक्रय आदि के भी ऑनलाइन पंजीकरण हो सकते हैं। इसी का फायदा उठाकर सेंटर से गांव के ही शाहिद नामक व्यक्ति को पशु कटान का लाइसेंस जारी कर दिया गया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी विनीत कुमार ने मामले की जांच के लिए मुख्य खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी राहुल सिंह को जिम्मेदारी दी। जांच-पड़ताल में पाया गया है कि कॉमन सर्विस सेंटर से पशु कटान का लाइसेंस जारी किया गया है। अधिकारियों ने जहां का लाइसेंस जारी था, वहां निरीक्षण किया। लाइसेंस स्थान पर कोई कटान नहीं मिला है। साथ ही आवेदक के बारे में भी पूछताछ की गई। फिलहाल लाइसेंस को तत्काल निरस्त कर दिया गया है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राहुल कुशवाहा ने बताया कि सेंटर से दो पशुओं के कटान के लिए लाइसेंस जारी हो गया था, जिसे जांच के बाद निरस्त कर दिया गया है, अन्य स्थानों पर लाइसेंस की जांच-पड़ताल की जा रही है। उधर, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अपर आयुक्त रामअरज मौर्य ने प्रदेशभर के कॉमन सर्विस सेंटर पर पंजीकरण में मीट के विकल्प को बंद करने के आदेश जारी किए हैं।