देश को विघटनकारी शक्तियों से बचाएं
मुजफ्फरनगर। आर्य समाज के संस्थापक ऋषि दयानंद सरस्वती के बोधोत्सव पर यज्ञ और भजनों के द्वारा देश को विघटनकारी शक्तियों से बचाने का संकल्प लिया गया।
संतोष विहार में वैदिक संस्कार चेतना केंद्र पर यज्ञ में आहुतियां देकर महर्षि दयानंद की प्रेरक स्मृति को नमन किया गया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि ऋषि दयानंद ने ढोंग, पाखंड, अंधविश्वास में आकंठ डूबे समाज में वेदों की ज्योति जलाई। जीवन निर्माण के लिए बेटे-बेटियां सत्यार्थ प्रकाश पढ़े, वेदों का स्वाध्याय करें। आर्य संस्कृति प्रचार संघ के अध्यक्ष आनंद पाल सिंह आर्य, डॉ. सतीश चौधरी, मंगत सिंह आर्य, आरपी शर्मा, जनेश्वर प्रसाद आर्य, मास्टर राजेंद्र प्रसाद ने ऋषि की महिमा बताई। सोना देवी, रेनु शर्मा, पिंकी, अनन्या दत्त, अथर्व भारद्वाज, लक्ष्य देव आदि मौजूद रहे। गांधी कॉलोनी स्थित आर्य समाज में ऋषि बोधोत्सव पर यज्ञ में कामिनी व संदीप सिंघल और रेणु चौधरी व संदीप सिंह यज्ञमान रहे। भजनोपदेशक घनश्याम प्रेमी ने कहा कि महर्षि दयानंद ने धर्मांतरण के विरुद्ध आवाज बुलंद कर हिंदू समाज की रक्षा की थी। उन्होंने भजनों के द्वारा प्रेरक संदेश दिया। इस मौके पर गजेंद्र सिंह राणा, मनीष अग्रवाल, जय सिंह धीमान, पूर्व डीसीओ विजय पाल, ब्रजपाल सिंह तोमर, ब्रजवीर एडवोकेट, देवेंद्र सिंह राणा, राकेश ढींगड़ा, प्रधानाचार्य अविनाश त्यागी, संगीता राठी, नीलम ढींगड़ा, ओमवती आदि ने यज्ञ में आहुति दी।