खंड विकास अधिकारी पर विकास कार्य न करवाने का आरोप
मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना। ब्लॉक प्रमुख पाल्लो देवी सहित रालोद नेता, पूर्व मंत्री, विधायक व कार्यकर्ताओं ने खंड़ विकास अधिकारी पर क्षेत्र में विकास कार्य न करवाने का आरोप लगाया है। यह भी आरोप है कि निविदाओं के आधार पर 45 दिन बाद भी एल वन को कार्य आदेश नही दिए गए। क्षेत्र में विकास कार्य न होने से नाराज रालोद नेताओं की उपजिलाधिकारी के साथ वार्ता विफल रही। रालोद नेताओं ने ब्लॉक परिसर में शनिवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम व घोषणा के अनुसार रालोद नेता व पूर्व ब्लॉक प्रमुख अपनी ब्लॉक प्रमुख माता पाल्लों देवी तथा रालोद नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ शनिवार को ब्लॉक कार्यालय परिसर में पहुंचे। रालोद के सभी नेता व कार्यकर्ता मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनांतर्गत आयोजित होने विवाह समारोह हेतु लगाए पांडाल में एक तरफ धरने पर बैठ गए। धरना स्थल पर रालोद नेताओं ने कहा कि खंड विकास अधिकारी विधायक व सांसद के इशारे पर कार्य कर रहे हैं। विकास खंड बुढ़ाना में सत्ता विरोधी रालोद की ब्लॉक प्रमुख होने के कारण कार्य नही करवाए जा रहे हैं। 30 नवंबर को ब्लॉक प्रमुख पाल्लों देवी सहित रालोद नेताओं ने प्रेसवार्ता में सभी तथ्यों को उजागर किया था। शिकायती पत्र उच्चाधिकारियों व मुख्यमंत्री को भेजा गया था। जिलाधिकारी को दिए गए पत्र में रालोद नेताओं ने चेतावनी दी थी कि बुढ़ाना ब्लॉक में विकास कार्य नही हुए तो 11 दिसंबर से अनिश्चितकालीन धरना देंगे। उसी घोषणा के अनुपालन में रालोद का धरना प्रदर्शन शुरू हो गया।
इस दौरान उपजिलाधिकारी अरुण कुमार ने धरने पर बैठे रालोद नेताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। रालोद नेताओं ने सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के अनुसार अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की घोषणा की। इस मौके पर पूर्व मंत्री योगराज सिंह, पूर्व विधायक राजपाल बालियान, जिला पंचायत सदस्य गज्जू पठान, रालोद के प्रदेश महासचिव बालकिशोर त्यागी, समिति के चेयरमैन सुरेंद्र सहरावत, डॉ. अनिल डबास, हाजी जमशैद, जब्बार व सतपाल सहरावत सहित दर्जनों नेताओं ने विचार व्यक्त किए।
रालोद कार्यकर्ताओं ने भी सामूहिक विवाह भोज का आनंद उठाया
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनांतर्गत आयोजित विवाह समारोह हेतु प्रशासन द्वारा समारोह में आए गरीब परिवारों के दूल्हा दुल्हन के साथ ही उनके परिजनों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। रालोद के धरने प्रदर्शन में भाग ले रहे कार्यकर्ता भी इस सामूहिक विवाह भोज में शामिल हो गए।