भाकियू करेगी हल क्रांति आंदोलन: टिकैत
मुजफ्फरनगर। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि गन्ना मूल्य में प्रदेश सरकार ने कोई वृद्धि नहीं की है। गन्ने पर आने वाली लागत में काफी वृद्धि हुई है। किसानों की सिंचाई में प्रयोग होने वाली बिजली का मूल्य में दो गुना एवं खाद, डीजल, कीटनाशक आदि में लगभग 20 प्रतिशत से भी अधिक वृद्धि हुई है, जिससे गन्ना किसानों को लगातार नुकसान हो रहा है। गन्ने की रिकवरी में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। शुगर मिलों को प्रत्येक क्विंटल पर 60 रुपये का लाभ हुआ है। भाकियू किसानों की समस्या को लेकर हल क्रांति आंदोलन करेगी।
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि वर्तमान पेराई सत्र के आरंभ होने के बावजूद भी गन्ना मूल्य की घोषणा नहीं की गई है, जिससे किसानों में आक्रोश है। वर्तमान में गन्ना किसानों की उत्पादन लागत 300 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक है। सरकार के वादे के अनुसार गन्ना किसानों को स्वामीनाथन कमेटी के हिसाब से लागत में 50 प्रतिशत जोड़कर गन्ना मूल्य की घोषणा की जानी आवश्यक है। भारतीय किसान यूनियन मांग करती है कि वर्तमान पेराई सत्र हेतु गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल अविलंब घोषित किया जाए अन्यथा भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर 21 दिसंबर को सभी किसान जिला मुख्यालयों पर एकत्र होकर हल क्रांति आंदोलन की शुरूआत कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।