- क्रांति सेना महिला मोर्चा और किसान मजदूर यूनियन ने दिया समर्थन
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के धरने में यूरिया के बोरे से वजन कम करने का मुद्दा उठा। किसानों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार किसानों की परीक्षा न लें। नगर मजिस्ट्रेट विकास कश्यप को केंद्रीय रसायन उर्वरक मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि किसानों को लाभकारी गन्ना मूल्य दिया जाना चाहिए।
भाकियू अराजनैतिक का धरना बृहस्पतिवार को 10वें दिन भी जारी रहा। जिसकी अध्यक्षता चौधरी उधम सिंह ने की। इस दौरान क्रांति सेना महिला मोर्चा और किसान मजदूर यूनियन ने धरने को समर्थन दिया। क्रांति सेना की महिला जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी ने कहा कि महिला ही असली किसान है। खेत में खाना पहुंचाने से लेकर पशुपालन तक सारी जिम्मेदारी महिला किसान ही संभालती हैं। संगठन किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेगा। प्रीति ठाकुर ने कहा कि महिलाएं ही घर में बीज का संरक्षण और पशुपालन करती हैं। महिलाओं के बिना खेती की कल्पना संभव नहीं है। हम इस आंदोलन को समर्थन ही नहीं पूरी शक्ति के साथ मजबूत करेंगे। हर दिन महिलाओं की उपस्थिति रहेगी। सभी वक्ताओं ने अविलंब गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग दोहराते हुए कहा कि सरकार किसानों का उत्पीड़न बंद करें।
भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि पिछले दस दिन से कार्यकर्ता दिन रात अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। जब तक मांगे पूरी नहीं होगी, तब तक उनका धरना लगातार चलता रहेगा। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष नीरज पहलवान, जिलाध्यक्ष अंकित चौधरी, खतौली तहसील अध्यक्ष शेखर सोम, पवित अहलावत, सुरेंद्र रावल, बिजेंद्र बालियान, विपिन त्यागी, मोहित मलिक, दुष्यंत मलिक, सलमान गौड़, यासीन चौधरी, नेहा गोयल, कंचल बाटला, अंजु त्यागी, शालू चौधरी मौजूद रहीं।