कोर्ट में भाजपा विधायक विक्रम सैनी ने समर्पण किया
मुजफ्फरनगर। आठ साल पहले कवाल में धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में दर्ज मुकदमे में खतौली विधायक विक्रम सैनी ने सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में ले लिया। बाद में विधायक जमानत पर रिहा हुए। इस मुकदमे में विधायक के काफी समय से गैर जमानती वारंट चल रहे थे। आज ही विधायक की कवाल कांड के मुकदमे में भी पेशी हुई। चार घंटे तक विधायक कोर्ट में रहे।
कवाल में फरवरी 2013 को एक युवती के अपहरण का मामला हुआ था। इस मामले में 21 फरवरी 2013 को धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में जानसठ कोतवाली पर एसआई यशपाल सिंह की ओर से कवाल निवासी विधायक विक्रम सैनी (तब पूर्व प्रधान) केे खिलाफ धारा 153 ए और 295 ए के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। यह मुकदमा अब यहां एडीजे- 5 रामसुध सिंह की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रहा है। विधायक द्वारा पेशी पर नहीं आने के कारण काफी समय से इस मुकदमे में कोर्ट से उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किए हुए थे। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे विधायक विक्रम सैनी ने अचानक कोर्ट में पहुंच कर इस मुकदमे में आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में ले लिया। उनके अधिवक्ता भारतवीर अहलावत ने कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की। एडीजीसी ललित भारद्वाज ने बताया कि कोर्ट ने 25-25 हजार रुपये के दो जमानती देने को कहा। जमानत दाखिल करने पर कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर उन्हें रिहा कर दिया। कवाल कांड में 28 अगस्त 2013 को हुई आगजनी की घटना के मुकदमे में भी विधायक विक्रम सैनी की पेशी हुई। चार बजे तक विधायक कोर्ट में रहे। उनके अधिवक्ता ने बताया कि कवाल कांड में सात अप्रैल और दूसरे मुकदमे में 22 अप्रैल की तारीख लगी है।