शुकतीर्थ सुकदेव आश्रम भागवत कथा में बोलते स्वामी ओमानंद महाराज।
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भागवत मनुष्य को निर्भय बनाती है : स्वामी ओमानंद
मोरना। भागवत पीठ शुकदेव आश्रम, शुकतीर्थ के गीता भागवत भवन में चंडीगढ़ से पधारी यशोदा माता जी तथा उनके परिवार द्वारा आयोजित भागवत कथा में भागवत पोथी का पूजन कर स्वामी ओमानंद ने बरसाने से पधारे कथाव्यास आचार्य प्रेम प्रकाश जी का सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भागवत अनुपम अमूल्य ग्रंथ है। भागवत भगवान वेदव्यास जी के हृदय से निकली हुई अमृत वाणी है, जिसके श्रवण से अज्ञान का पर्दा हट जाता है। भागवत सर्वथा कल्याणकारी तथा भक्ति और ज्ञान का सागर है। भागवत जीवन और मृत्यु के सत्य का बोध कराकर विषम परिस्थितियों में विजय प्राप्त करने की शक्ति देती है। भागवत मनुष्य को निर्भय बनाती है। इस अवसर पर श्री शुकदेव अन्नक्षेत्र में भंडारे का आयोजन कर संत-महात्मा, आचार्यों और गरीब, असहायों को भोजन कराकर फल और दक्षिणा वितरित किया गया।