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बैंकों की हड़ताल से करोड़ों का लेनदेन प्रभावित

Thu, 31 May 2018 12:47 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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बैंक के बाहर नारेबाजी करते कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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वेतन में केवल दो फीसदी वृद्धि के विरोध में देशव्यापी आंदोलन की कड़ी में जिले के बैंक अधिकारी और कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर रहे।  बैंकों में कामकाज नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी हुई। बैंक बंद होने से करोड़ों का लेनदेन प्रभावित हुआ। आम जनता पैसे निकालने को लेकर परेशान दिखाई दी। एटीएम भी खाली हो गए।  
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राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर जनपद के सभी बैंकों में बुधवार को ताले लटके हुए नजर आए। बैंक लगातार दो दिन बंद रहेंगे। वेतन में मात्र दो फीसदी वृद्धि से बैंककर्मियों में आक्रोश है। बैंकों में कामकाज नहीं होने के कारण बिजनेस और इंडस्ट्री के साथ ही आम खाताधारकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। जिले में हड़ताल से एक ही दिन में व्यवस्था हिलती नजर आई।

शहर के अधिकतम एटीएम दोपहर तक खाली हो गए। लोग पैसे के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। हड़ताल के साथ ही सभी बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी रेलवे रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक परिसर में एकत्र हुए और प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
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बैंक यूनियनों के मुताबिक, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने उनके वेतन में महज दो फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है, जिसे पांच मई को हुई आईबीए की बैठक में लाया गया था। इसमें 31 मार्च, 2017 तक वेज बिल कास्ट में दो फीसदी के इजाफे का प्रावधान है, लेकिन बैंक यूनियन ने प्रस्ताव का विरोध किया है। इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के महासचिव राकेश कुमार ने कहा कि बैंकों को जो नुकसान हो रहा है, उसका कारण है एनपीए।

इस नुकसान के लिए बैंक कर्मचारी जिम्मेदार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन वर्ष से बैंक कर्मचारियों ने जन-धन, नोटबंदी, मुद्रा योजना और अटल पेंशन योजना समेत अन्य योजनाओं को सुचारु रूप से चलाने में बड़ी भूमिका निभाई है। कर्मचारियों पर काम का बोझ काफी बढ़ा है।

ऐसे में उनके वेतन में दो फीसदी के इजाफा का प्रस्ताव चौंकाने वाला कदम है। बैंकों की नौ यूनियन विरोध कर रही हैं, इनमें ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स फेडरेशन, ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन और नेशनल आर्गनाइजेशन आफ बैंक वर्कर्स शामिल हैं।

प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से राकेश कुमार, अशोक कुमार शर्मा, अनिल कुमार, रविंद्र सिंह, योगेश गुप्ता, अनुज गुप्ता, भारत कुमार, कपिल देव, लक्ष्मण सिंह, अनुज आर्य, जितेन्द्र कुमार सहित सैकड़ों कर्मचारी व अधिकारी शामिल रहे।  

बैंकों की हड़ताल, प्रदर्शन कर जताया विरोध
खतौली। नगर एवं देहात क्षेत्रों के बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी बुधवार को वेतन में केवल दो फीसदी वृद्धि के विरोध में दो दिन की हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने पीएनबी शाखा के सामने प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया।  

कर्मचारियों की हड़ताल होने से बैंकों में ताले लटके रहे। बैंकों बंद होने से कामकाज नहीं होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक बंद होने से लेनदेन प्रभावित हुआ। बैंकों की हड़ताल से व्यापार भी प्रभावित हुआ। बुधवार की सुबह पीएनबी शाखा पर अधिकारी व कर्मचारी एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में वीरेंद्र वर्मा ने कहा कि आईबीए की हठधर्मिता से बैँक कर्मी नुकसान उठा रहे हैं।

सरकार को इस ओर तुरंत ध्यान देकर समझौता कराना होगा। जसबीर राणा ने कहा कि नोटबंदी के दौरान दिन रात सरकार का सहयोग करने वाले बैंक कर्मियों की सराहना करने के बाद भी मात्र दो फीसदी वेतन वृद्धि का प्रस्ताव बैंक कर्मचारियों का अपमान करना है।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनकी मांग पर विचार कर उसको पूरा करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों में कुलदीप जैन, प्रताप वाल्मीकि, मथन सिंह, विकास कुमार, अतुल कुमार लल्लन प्रसाद, विजयपाल, मनोज कुमार, बिजेंद्र शर्मा, रविंद्र कुमार, हिमांशु सैनी, संदीप कुमार, रामपाल सिंह, संदीप, रघुनाथ सिंह आदि अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।
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