मुजफ्फरनगर। गन्ने के नए पेराई सत्र में कोल्हू एवं खांडसारी इकाइयों से होने वाले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए बुधवार को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) देश दीपक सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इकाई संचालकों को सीएक्यूएम, सीपीसीबी और यूपीपीसीबी के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करने के निर्देश दिए गए।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित बैठक में बताया गया कि कोल्हू-खांडसारी इकाइयों में भू-तल से करीब 10 मीटर ऊंची चिमनी लगाना आवश्यक है। संचालन में केवल अनुमन्य ईंधन जैसे बैगास, बायोमास, बायोब्रिकेट और सूखे कृषि अपशिष्ट का प्रयोग किया जाए। प्लास्टिक, टायर और रबर जैसे प्रतिबंधित ईंधन जलाने पर रोक रहेगी।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जनपद एनसीआर क्षेत्र में शामिल होने के कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों का पालन अनिवार्य है। इकाई संचालकों को पेराई सत्र शुरू होने से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति प्राप्त करने के लिए निवेश मित्र पोर्टल पर आवेदन करने की जानकारी दी गई।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. गीतेश चंद्र सहित कोल्हू संचालक सलीम अली, मानवेंद्र खांडसारी इकाई संचालक मानवेंद्र चौधरी, श्याम गुप्ता शामिल रहे। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) देश दीपक सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इकाई संचालकों को सीएक्यूएम, सीपीसीबी और यूपीपीसीबी के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि कोल्हू-खांडसारी इकाइयों में भू-तल से करीब 10 मीटर ऊंची चिमनी लगाना आवश्यक है। संचालन में केवल अनुमन्य ईंधन जैसे बैगास, बायोमास, बायोब्रिकेट और सूखे कृषि अपशिष्ट का प्रयोग किया जाए। प्लास्टिक, टायर और रबर जैसे प्रतिबंधित ईंधन जलाने पर रोक रहेगी।
अधिकारियों ने इकाई संचालकों को पेराई सत्र शुरू होने से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति प्राप्त करने के लिए निवेश मित्र पोर्टल पर आवेदन करने की जानकारी दी।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. गीतेश चंद्र सहित कोल्हू संचालक सलीम अली, मानवेंद्र खांडसारी इकाई संचालक मानवेंद्र चौधरी, श्याम गुप्ता शामिल रहे।