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Muzaffarnagar News: बालियान की शाह को चिट्ठी, सीबीआई करे आरोपों की जांच

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मुजफ्फरनगर। सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम के लेटर पैड पर लगाए गए आरोपों को पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने निराधार बताया। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों की सीबीआई या अन्य एजेंसी से जांच कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि षड्यंत्रकारियों का चेहरा लोगों के सामने आना चाहिए।
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मेरठ में पूर्व विधायक की प्रेस वार्ता के दौरान 11 जून को उनके समर्थकों ने लेटर पेड बांटे थे, जिनमें डॉ. संजीव बालियान पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। इस मामले में बालियान ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखते हुए कहा कि वह दो बार केंद्र सरकार में मंत्री रहे हैं। पिछले दिनों एक पूर्व विधायक के लेटर हेड पर गंभीर आरोप लगाते हुए पत्र मीडिया को बांटा गया था। इनमें भ्रष्टाचार के निराधार आरोप लगाए गए थे। पत्र में लगाए गए सभी आरोपों का खंडन करता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो सरकारों में मंत्री रहा हूं, ऐसे आरोपों की निष्पक्ष जांच कराना मेरा दायित्व है। सच्चाई सामने लाने के लिए इस मामले की सीबीआई या अन्य किसी एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
सिर झुकाने वाला कोई काम नहीं किया : बालियान
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री ने यह भी लिखा है कि दस साल में ऐसा कोई काम नहीं किया, जिस कारण उन्हें सिर झुकाना पड़े। जिस तरह आरोप लगाए गए हैं, वह छवि धूमिल करने का प्रयास है। इन आरोपों का खंडन करता हूं।
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गृह मंत्री अमित शाह को भेजे पत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने 2014 से पहले के मुजफ्फरनगर की तस्वीर भी रखी। पत्र में बालियान ने लिखा है कि 2014 से पहले मुजफ्फरनगर से रंगदारी, फिरौती, लूट और अपहरण की खबरें आती थी। मेरठ से रुड़की के बीच रात के समय वाहनों को रोकने से डर लगता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के मंत्र से मुजफ्फरनगर को विकास की ओर लेकर गए। मुजफ्फरनगर में गाय अभ्यारण्य, हाईवे बनाए गए हैं। मेरठ से रुड़की के मध्य यात्रियों के लिए अब सर्वाधिक मिडवेज हैं।
हार के बाद 10 जून को सामने आए थे बालियान
लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद पहली बार पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान 10 जून को मीडिया के सामने आए थे। उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब में बिना किसी का नाम लिए कहा था कि हार की वजह जयचंद, शिखंडी और विभीषण बनकर काम करने वाले लोग हैं। उनके इस बयान को भाजपा की भितरघात और सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम से जोड़कर भी देखा गया था।
11 जून को मेरठ में संगीत सोम की प्रेस कांफ्रेंस में बांटे गए थे पर्चे
बालियान की प्रेस वार्ता के बाद 11 जून को मेरठ में पूर्व विधायक संगीत सोम ने मीडिया से बात की। इस दौरान उनके समर्थकों ने पूर्व विधायक के लेटर पेड पर डॉ. संजीव बालियान पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रेस नोट बांटे थे। हालांकि पूर्व विधायक सोम ने प्रेस नोट बांटने वालों से यह कहते हुए किनारा कर लिया था कि यह काम उनके विरोधियों का है।
सोम को भेजा गया 10 करोड़ का नोटिस
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री पर लगाए गए आरोपों में हरियाणा के संजीव सहरावत का नाम भी लिया गया था। 12 जून को सहरावत ने पूर्व विधायक को मानहानि का नोटिस जारी किया था। उधर, संगीत सोम ने लालकुर्ती थाने में पर्चे बांटने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने इस मामले में पूर्व विधायक संगीत सोम के पीए को भी पूछताछ के बुलाया था। साथ में इस बिंदु पर जांच की जा रही है कि सुरक्षा के बीच कौन उनके नाम से पर्चे बांट गया।

विवाद में सांसद हरेंद्र मलिक भी कूदे पड़े
भाजपा नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप के विवाद में 14 जून को सपा सांसद हरेंद्र मलिक की एंट्री हुई। उन्होंने कहा था कि नेताओं की लड़ाई सड़क पर नहीं आनी चाहिए। साथ ही यह बोले थे कि मंत्री को खुद ही पहल कर मामले की जांच करानी चाहिए। सीबीआई जांच की सबसे पहले मांग हरेंद्र मलिक ने ही की थी।
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